अध्यात्म

मांसाहार क्यों न करें ? (भाग – १५)


मांस खानेवाले प्राणियोंकी आंतोंसे मनुष्य और अन्य शाकाहारी प्राणियोंकी आंतें छोटी होती हैं । मांसाहारी प्राणियोंकी आंतें लम्बी होती हैं। वह मांसाहारी प्राणियोंके पाचन तंत्रमें…..

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वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – ६)


वास्तुशास्त्र अनुसार केलेके पौधेको भी शुभ माना गया है । केला एक दिव्य गुणोंसे भरा सात्त्विक एवं औषधीय पौधा है । शास्त्रोंमें तुलसीके पश्चात केलेके पौधेको अत्यंत शुभ…..

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वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – ५)


शमीका वृक्ष वास्तुके लिए उत्तम होता है । नवग्रहोंमें शनि महाराजको न्यायाधीशका स्थान प्राप्त है; इसलिए जब शनिकी दशा आती है तब अच्छे बुरे कर्मोंका यथोचित फल प्राप्त होता है…..

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वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – ४)


घरके पूर्व, उत्तर और पूर्वोत्तरमें गेंदा, गुडहल, पाटल(गुलाब), चम्पा, स्वर्णचम्पा, नागचम्पा, चमेली, जाई, जूही, बेला, रात-रानी, अपराजिता, हरसिंगारके पौधे लगाना अच्छा…..

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वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – ३)


तुलसी वास्तुको शुद्ध और पवित्र करती है । तुलसीका पौधा कल्याणकारी, बहु उपयोगी, पवित्र एवं शुभ माना जाता है । घरमें आनेवाली वायुमें सकारात्मक ऊर्जा बढाने हेतु तुलसीके…..

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वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – २)


वास्तुशास्त्रके अनुसार जिस प्रकार घरका हर भाग हमारे जीवनको प्रभावित करता है, उसी प्रकार घरमें सजावटके लिए रखे गए पौधे या जीवनोपयोगी पौधे अथवा वृक्ष भी हमारे जीवनपर….

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वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – १)


वास्तुशास्त्रके अनुसार जिस प्रकार घरका हर भाग हमारे जीवनको प्रभावित करता है, उसी प्रकार घरमें सजावटके लिए रखे गए पौधे या जीवनोपयोगी पौधे अथवा वृक्ष भी हमारे…..

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सगोत्र विवाह किसी भी परिस्थितिमें है हानिकारक !


एक तथाकथित सद्गुरु अपने शंका समाधान सत्रमें सगोत्र विवाह क्यों नहीं करने चाहिए इस सम्बन्धमें एक जिज्ञासुद्वारा पूछे गए प्रश्नके उत्तरमें कह रहे थे कि यदि आप…..

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सन्तोंद्वारा बताए तथ्य सूक्ष्मज्ञानपर आधारित !


कालानुसार हम विज्ञानके संसोधनको मान्य करते हैं, वैज्ञानिकोंसे जाकर उनके नूतन संसोधन हेतु न अनर्गल बातें नहीं करते हैं और न ही उनसे शास्त्रार्थ करते हैं ! किन्तु मैंने देखा है कि जब ऐसे ही कुछ नूतन बातें अध्यात्ममें कालानुसार संतोंद्वारा बताई जाती है तो अनेक बुद्धिजीवी या आध्यत्मिक प्रवृत्तिके लोगोंके गलेके नीचे नहीं उतरती […]

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प्रारब्धानुसार ही वस्तुएं पूर्वनिर्धारित होती हैं !


एक व्यक्तिने कहा कि यदि हम श्रम नहीं करेंगे तो क्या हमारे भाग्यसे धन आ जायेगा ? उत्तर बडा सरल है भाग्यमें धन हो तो श्रमकी दिशा और दशा भी योग्य होती है अन्यथा सभी श्रम करनेवाले धनवान होते !

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