साधकोंकी अनुभूतियां

हिन्दू राष्ट्रसे सम्बन्धित व्याख्यान लेनेसे पूर्व आने लगा अत्यधिक स्वेद (पसीना) !


दिनांक १९ फरवरी २०१७ को मुझे उत्तरप्रदेशके गाजियाबाद जनपदके बम्हेटा गांवमें व्याख्यान लेनेकी सेवाकी सन्धि मिली । उस दिवस जब मैं प्रातः १० बजे आश्रम पहुंचा एवं उसके थोडे समय पश्चात् जब धर्मसभा हेतु सभी आवश्यक सामग्री लेकर हम आश्रमसे प्रस्थान करके वाहनमें बैठे तो उसी समय मुझे अकस्मात् अत्यधिक स्वेद आने लगा । यद्यपि […]

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जप मालासे सुगन्ध आना


पूज्या तनुजा मांद्वारा बताए गए जपको जपमालासे करने और बैठकर किए जानेका आदेश मिलते ही, मैंने सर्वप्रथम जपमालासे करना नवम्बर २०१६ में प्रारम्भ किया । प्रारम्भमें जप करते हुए मुझे बहुत कठिनाई हुई और लगा कि मैं १८ माला नित्य नहीं कर पाऊंगा; परन्तु जैसे-जैसे मैं यह करता रहा मेरा मन स्वयं जप करनेको विवश […]

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श्रीमती अंतिमा गोयलकी अनुभूति


श्रीमती अंतिमा गोयलकी अनुभूति देखेंगे | जब मैं १८ जून २०१२ को तनुजा दीदीसे मिली तब मुझे पता नहीं था कि कि मेरे जीवनमें एक नया मोड आनेवला है | मैं अगले ४-५ दिन उनसे प्रतिदिन मिली और सेवा करने लगी | प्रत्येक दिन मेरे लिए एक अनुभूति थी; परंतु उसके पश्चात सब कुछ जैसे […]

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इटलीके साधकको मेरे मनकी स्थितिकी हुई अनुभूति !


            दिनांक ३ मई २०१४ को मैं इटलीके श्री राकेश भार्गवके घरमें थी ।  सुबह दस बजे उन्होंने अपनी अनुभूति सांझी की जिसे सुनकर मुझे भी बहुत आश्चार्य हुआ | मुझे दो दिवससे रातमें ज्वर आ रहा था और बहुत सर्दी खांसी भी हो गई थी । दिनांक २ मईको […]

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साधकोंकी अनुभूतियां


मेरा नाम प्राक्षी अग्रवाल है और वर्तमान समयमें, मैं अपने पतिके साथ ओमानमें रहती हूं । मैंने पूज्या तनुजा मांके विषयमें सबसे प्रथम बार यू-ट्यूबसे जाना था और गत वर्ष अक्टूबर २०१४ में उनके सम्पर्कमें आई थी । दिनांक ३/०२/२०१५ को प्रथम बार मैं पूज्य मांसे उपासनाके दिल्ली आश्रममें मिली । आश्रम जानेका वह दिवस […]

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साधकोंको पूर्व सूचना देकर भगवानजी मेरा इस प्रकार कार्य सरल कर देते हैं !


बंगालके एक वरिष्ठ बंगाली प्रशासनिक अधिकारी गुरुपूर्णिमासे पूर्व ‘उपासना’से जुडे । उनका आध्यात्मिक स्तर, व्यष्टि साधना और भाव तीनों ही अच्छा है । वे गुरुपूर्णिमासे एक माह पूर्व ही जुडे थे, मैंने उन्हें गुरुपूर्णिमामें कुछ दिवस पूर्व सूचना दी कि वे दिल्लीकी गुरुपूर्णिमा कार्यक्रममें उपस्थित रहें और उन्होंने आज्ञापालन किया । वे अत्यधिक व्यस्त रहते […]

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स्थापना दिवसके द्वितीय वर्षगांठके मध्य हुई अनुभूतियां


स्थापना दिवसके द्वितीय वर्षगांठके मध्य हुई अनुभूतियां : यह चित्र 4 जनवरी को संध्या साढ़े पाँच बजे ली गयी है , देखें सभी साधक बिना ऊनी कपड़े के आनंदपूर्वक खड़े हैं पौष कृष्ण षष्टि एवं पौष कृष्ण सप्तमी को स्थापना दिवस समारोह नियोजित था | जब मैं 23 दिसम्बर को अपने गाँव (जिला गोड्डा, झारखंड […]

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इंदौरके श्री शीतल भदोरियाकी अनुभूतियां


इंदौरके श्री शीतल भदोरियाकी अनुभूतियां : १.      जब मैं इंदौरसे गुरुपूर्णिमाके लिए ट्रेन पकडने के लिए बसमें बैठा तो बसमें ही इतनी देर हो गयी कि लगा कि मेरी ट्रेन छूट जाएगी | किसी प्रकार ट्रेन मिल गयी | आरक्षण निश्चित नहीं हुआ था अतः मैं एक खाली सीटपर बैठ गया वहां पर कोई आया […]

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साधकोंकी अनुभूतियां


विगत कई पूर्णिमा व अमावस्याके तीन चार दिवस आगे पीछे मेरा मन बहुत अशांत रहता था, अकारण ही पति या किसी से विवाद हो जाता था, बहुत क्रोध आता था, प्रार्थना नहीं हो पाती थी और इस कारण कुछ समय पश्चात् मनमें अत्यधिक पश्चाताप होता था । इसके अतिरिक्त मुझे सम्पूर्ण दिवसमें तीन-चार बार निद्राको […]

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साधकोंकी गुरुपूर्णिमाके समय हुई अनुभूतियां:


सेवाके स्थानमें हुए परिवर्तनके कारण गुरुपूर्णिमाकी सेवामें उपस्थित रह पाना ! इस बार गुरुपूर्णिमा २०१४ के लिए मैं अपेक्षित सेवा नहीं कर पाया था परन्तु तब भी जब गुरुपूर्णिमासे पूर्व नियोजन हेतु पूज्या तनुजामांने एक बैठक रखी थी और उसमें उन्होंने बताया कि इस बार गाजियबादमें गुरुपूजनके लिए हमारा( मैं और मेरी धर्मपत्नीका) चयन हुआ […]

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