हिन्दुवादियोंके विरोधके कारण ‘एमआईटी’ने कश्मीरी छात्रोंके प्रवेशपर लगाया प्रतिबन्ध !!


फरवरी १७, २०१९


‘मुरादाबाद इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी’ने (एमआईटीने) सत्र २०१९-२० से जम्मू-कश्मीरके छात्रोंके प्रवेशपर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगा दिया है । इसके साथ ही संस्थानने ‘व्हाट्सएप’पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखनेवाले आरोपी कश्मीरी छात्र और इस लेखको प्रसारित करनेवाले दो अन्य छात्रोंको भी निलम्बित कर दिया है । इससे पूर्व शनिवार, १६ फरवरीको भी ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखनेवाले मुरादाबादके एक छात्रको निलम्बित किया गया था ।

‘एमआईटी’में ‘सिविल इंजीनियरिंग’ तृतीय वर्षका छात्र रफी फारुख जम्मू-कश्मीरका रहने वाला है । उसपर आरोप है कि वह लम्बे समयसे सामाजिक प्रसार माध्यमपर देश विरोधी लेख डाल रहा था । उधर, ‘एमआईटी’में ही ‘डीफार्मा’के प्रथम वर्षके छात्र पाकबडा निवासी मुजस्सम गनीने भी पुलवामा आक्रमणके पश्चात अपना ‘व्हाट्सएप स्टेटस’ ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिख दिया था । जब संस्थानके दूसरे छात्रोंको इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दोनोंके लेखोंका स्क्रीन शॉट आपत्ति प्रकट करते हुए प्रसारित कर दिया । इसे लेकर शनिवार, १६ फरवरीको ‘एमआईटी’में हिंदू संगठन पहुंच गए और विरोध प्रकट किया । हिन्दू संगठनोंके उग्र विरोधके पश्चात दोनों छात्रोंपर देशद्रोहका अभियोग प्रविष्ट किया गया था ।

‘एमआईटी’के मीडिया प्रभारी आलोक पांडेयने बताया कि ‘एमआईटी प्रबंधन’ने रविवार, १७ फरवरीको हुई आपात बैठकमें कश्मीरी छात्र रफी फारुखको भी तत्काल निलम्बित कर दिया है । साथ ही निर्णय लिया है कि अगले सत्रसे कश्मीरी छात्रोंको प्रवेश नहीं दिया जाएगा । ऐसा देशहितको ध्यानमें रखते हुए किया गया है । दोनों आरोपी छात्रोंके अतिरिक्त ‘फार्मेसी’ प्रथम वर्षके छात्रों सुमित सोम व निखिल बंसलको भी निलम्बित किया गया है । इन्होंने ही आरोपी छात्रोंके आपत्तिजनक लेखको प्रसारित किया था, जिसके कारण परिसरमें विरोध हुआ । संस्थानका मानना है कि छात्रोंको इसकी सूचना उन्हें पहले देनी चाहिए थी ।

 

“वे सभी हिन्दुत्वनिष्ठ छात्र व संगठन अभिनन्दनके पात्र हैं, जिनमें अभी भी राष्ट्रवाद शेष है । ऐसे ही सभी लोगोंने राष्ट्रविरोधी अनुचित कृत्योंका विरोध करना चाहिए; क्योंकि आतंकी समर्थकोंका दुस्साहस हमारे मौनके चलते ही बढता है और ऐसे ही सभी संस्थानोंसे आतंकी समर्थक छात्रोंको निकाल बाहर करना चाहिए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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