कठमुल्लोंका भ्रम दूर करने चले थे राकेश : दुबईमें चाकरी गई, इस्लामके अपमानमें दण्ड भी सम्भव


११ अप्रैल, २०२०

एक हिन्दूको दुबईके किसी प्रतिष्ठान ‘एमरिल सर्विसेज’से निकल दिया गया, जब उसने किसी ‘ट्विटर’पर ‘कोरोना’से लडनेके लिए पांच बार नमाज पढनेवाले सन्देशपर आपत्ति प्रकट की तो  जैसे इस्लामवादियों और हिन्दुओंसे घृणा करनेवाले लोगोंकी प्रतिक्रियाकी झडी लग गई, जैसे वे इसी ताकमें बैठे थे । कोरोना विषाणुसे लडनेमें ५ बार नमाज पढनेका समर्थन करनेवाले कट्टरपंथियोंने राकेशके ‘कमेंट’का ‘स्क्रीनशॉट’ प्रसारित कर दिया । उनका कहना था कि राकेशने इस्लामका अपमान किया है ।  रिजवान नामक जिहादीने उसे इस्लामका विरोधी और अपमान करनेवाला बताया, जबकि राकेशने कोई अपमानजनक बात नहीं की थी । अब उसे  दुबई पुलिसको सौंपनेकी तैयारी की जा रही है ।

     खाडी देशोंमें हिन्दुओंको फंसाकर नष्ट करनेका षड्यन्त्र करके कट्टरपन्थी हिन्दुओंको नष्ट करनेका बहाना ढूंढ रहे हैं । ऐसे देशोंमें अब हिन्दुओंको कार्य हेतु जाना बुद्धिमानी नहीं है । भारत शासनने इसमें हस्तक्षेप करके इसे वापस लानेका प्रयास करना चाहिए ।-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑपइंडिया



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