पाकिस्तानका सिंध प्रांत, जहांं आरम्भ हुई थी हिन्दू सभ्यता, वहांं जला दिए गए सभी हिन्दुओंके घर !!


मई २८, २०१९

पाकिस्तानमें अल्पसंख्यकोंकी स्थिति किसीसे छिपी नहीं हैं । चाहे वहांके हिन्दू हों या फिर इसाई, आए दिन कोई ना कोई समाचार वहांसे सुननेको अवश्य मिल जाता है । अब समाचार आया है कि पाकिस्तानके सिंध प्रदेशके मीरपुरखास जनपदके फूलदोनमें रहनेवाले सभी हिन्दुओंकी सम्पत्तियोंको जला दिया गया है । यद्यपि इस घटनाके समाचार पाकिस्तानी मीडिया प्राथमिकता नहीं पा रहे हैं; परन्तु सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर (सोशल मीडियापर) इससे सम्बन्धित कई लेख देखनेको मिले हैं ।

वाजीश परताब नामके पाकिस्तानी अल्पसंख्यक हिन्दू जो लेखक और समाजसेवी हैं, उन्होंने ट्वीटकर इस घटनासे सम्बन्धित जानकारी साझा की है और इस घटनाके कुछ चित्र भी साझा किए हैं । उन्होंने अपने ट्वीटमें लिखा है कि “सिंधके एक नगर फूलदोनमें भीडद्वारा सभी हिन्दुओंकी सम्पत्तियां जलाई जा रही हैं और हिन्दुओंके विरुद्ध ईश-निंदा विधानका दुरुपयोग किया जा रहा है । राज्य शासन कहां है और मीडिया कहां है ?”

इस ट्वीटपर पाकिस्तानी मूलके कनेडियन पत्रकार और लेखक तारेक फतेहने चिंता प्रकट करते हुए लिखा कि “सिंध हिन्दुस्तानी सभ्यताका जन्मस्थान है और वहींसे सभी हिन्दुओंको नष्ट किया जा रहा है । सिंधु रो रही है और मोहनजोदडो रो रहा है; क्योंकि बिन कासिमके गुण्डे अपना गजवा-ए-हिन्द चला रहे हैं । हमें एक और राजा दाहिर चाहिए ।”

उल्लेखनीय है कि मीरपुरखासके फूलदोनमें हिन्दुओंपर इन अत्याचारोंका आरम्भ एक षड्यंत्रके अन्तर्गत हुआ है । इस क्षेत्रमें हिन्दुओंकी संख्या अच्छी है; इसलिए यहांके अतिवादी मुसलमानोंने षड्यंत्र रचकर इन्हें उद्विग्न करना आरम्भ किया है । यहां ईश-निंदा विधानके अंतर्गत एक हिन्दू चिकित्सकको पहले फसाया गया और वहांकी हिन्दू जनसंख्याको लक्ष्य बनाया गया ।

यहां रमेश कुमार नामक एक चिकित्सकको एक स्थानीय मौलवीकी परिवादपर (शिकायतपर) बन्दी बनाया गया था । मौलवीने कहा था कि आरोपी चिकित्सकने एक पवित्र पुस्तकके पृष्ठोंको (पन्नेको) फाडकर उनमे औषधियां लपेटीं । इस आरोपके पश्चात त्वरित चिकित्सकको बन्दी बना लिया गया । इसी घटनाके पश्चात उस क्षेत्रमें रह रहे हिन्दुओंके विरुद्ध मुस्लिम जनसंख्या उग्र हो गई और उनकी सम्पात्तियां जलाने लग गई !!

“पाकिस्तानमें हिन्दुओंपर होनेवाले अत्याचार समूचे विश्वको ज्ञात है; परन्तु विडम्बना है कि इसपर कोई नहीं बोलता है । पाकिस्तान समाचार जगतकी बात तो जाने ही देते हैं, लींचिंग जैसी घटनाओंपर बिना सोचे-समझे कुछ भी समाचार प्रकाशित करनेवाला भारतीय समाचार जगत भी इसपर मौन है, इसपर तारिक फतेह जैसे विवेकशील व बुद्धिजीवी लोगोंकी प्राथमिकता निस्सन्देह प्रशंसनीय है कि वे इस्लामकी सत्यता उजागर कर रहे हैं । यदि भारतके विभाजनके समय ही राजनेताओंने और महात्माओंने थोडा विवेक और समझदारी दिखाई होती तो आज हिन्दू दोनों स्थानपर न पिस रहा होता; परन्तु उनके कृत्योंका दण्ड आजतक हिन्दुओंद्वारा भोगा जा रहा है । उसपरसे हिन्दू भी खण्ड-खण्ड विभाजित हुए हैं, वे भी एक नहीं हैं और क्षात्रविहीन हो चुके हैं, तभी ऐसी घटनाएं होती हैं । अब भारत शासनसे ही आशा है कि वह इस प्रकरणमें संज्ञान लें और वहांके हिन्दू भाइयोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करें ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : द छीछालेदर



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