ईअर नेतान्याहूके कटु सत्यपर बिफरे अरबी धर्मान्ध, कहा था कि जहांं मुसलमान न हो, वहां नहीं होता कोई आतंकी आक्रमण !!


दिसम्बर १८, २०१८

ईअर नेतान्याहूने एक कटु सत्य कहा, जिसके पश्चात उनके लेखपर समूचे अरबके मुस्लिम भडक उठे और भारी संख्यामें लोगोने ‘फेसबुक’में विरोध प्रविष्ट किया (मास रिपोर्टिंग), तथाकथित धर्मनिरपेक्ष ‘फेसबुक’ने ईअर नेतान्याहूकी अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रतापर तुरन्त रोक लगाते हुए उनके लेखको हटा दिया, साथ ही उनका खाता भी प्रतिबन्ध कर दिया गया है !


ईअर नेतान्याहूने कुछ फेसबुक लेख डाले थे, जिसमें उन्होंने आतंकवादकी आलोचना की थी और अपना परामर्श रखते हुए कट्टरपन्थियोंपर लक्ष्य साधा था !

ईअर नेतान्याहूने एक फेसबुक लेखमें कहा कि क्या आप जानते हैं कि मुसलमानोंके आतंकी आक्रमण कहां नहीं हुए हैं ? आइसलैण्ड और जापानमें, क्योंकि वहांपर कोई मुसलमान नहीं हैं !

एक और फेसबुक लेखमें ईअर नेतान्याहूने कहा कि “इजराइलमें २ ही प्रकारसे शान्ति आ सकती है, या तो सारे यहूदी इजराइलको छोड दें अथवा सारे मुसलमान इजराइलको छोड दें और मैं सोचता हूं कि सारे मुसलमानोंको इजराइल छोड देना चाहिए !”

ईअर नेतान्याहूने आतंकी देश फिलिस्तीनकी भी आलोचना की, जो कि इजराइलमें आतंकवाद मचाये हुए है, उल्लेखनीय है कि फिलिस्तीन भी इजराइलमें उसी प्रकार आतंक मचाए हुए है, जैसे कि पाकिस्तान भारत और मुख्य रूपसे भारतके कश्मीरमें मचाये हुए है !

ईअर नेतान्याहूने आतंककी आलोचना की, जिसके पश्चात अरबके मुस्लिम उनके लेखपर भडक गए और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष ‘फेसबुक’ने उनके लेखको हटा दिया !, परन्तु कोई भी यह बतानेको सिद्व नहीं है कि ईअर नेतान्याहूने अनुचित क्या कहा ?, जापान और आइसलैण्डमें आतंकी आक्रमण नहीं होता, चूंकि वहां मुस्लिम न के बराबर है, ये बात तो सच है !

 


“ईअर नेतान्याहूके इस प्रखर कटु सत्यके लिए वे अभिनन्दनके पात्र है । उनके इस वक्तव्यमें कुछ अपनी ओरसे नहीं कहा गया है, यह तो आज समूचा विश्व देख रहा है ! और जो राष्ट्र भोग चुका होता है, वहीं सत्य समझ सकता है !  धर्मान्धोंद्वारा यहूदियोंपर हुए आक्रमणसे विवश होकर ही ईजराइलको ऐसी नीतियां अपनानी पडी व आज ईअर ऐसे वक्तव्य दे रहे हैं, परन्तु दुखद है कि भारतके सिरपर संकट मंडरा रहा है, परन्तु हम अब भी सत्य देखनेको सिद्ध नहीं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : डीबीएन न्यूज



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