सामाजिक जालस्थलोंंपर आतंकवादके विरुद्घ लिखनेवालोंंको मारनेकी योजना बना रहे ४ आतंकी बन्दी बनाए !


जनवरी ३, २०१९


ऐसे ४ इस्लामिक आतंकवादियोंको बन्दी बनाया गया है, जोकि एक बडी योजना और षडयन्त्रकी पूर्वसिद्धता कर रहे थे ! यदि आप सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर आतंकवादके विरुद्घ लिखते है, या ‘यू-ट्यूब’पर आतंकवाद, इस्लामिक चरमपंथकी आलोचना करते हैं, यदि आप ‘ब्लॉगर’ है तो ये आपके लिए आवश्यक है !

जिन ४ आतंकियोंको पकडा गया है, उनके नाम शहरियार नफीस अम्मार होस्सैन (२० वर्ष), मोहम्मद रसेल (२४), रैबुल इस्लाम (२४ वर्ष) और अब्दुल मलिक (३१ वर्ष) हैं ।

‘ढाका ट्रिब्यून’के अनुसार ये चारों सामाजिक प्रसार माध्यमपर इस्लामिक चरमपंथ, आतंकवादके आलोचकोंकी सूचि बना रहे थे और उन सभीको मारनेकी योजना कर रहे थे ।

इनको बांग्लादेशकी ‘रैपिड एक्शन बटालियन’ने बन्दी बनाया है और ये सभी आतंकी संगठन अंसार ‘अल-इस्लाम’से जुडे हुए हैं !

इन्होंने बताया है कि जो आतंकवादकी आलोचना करते हैं, आतंकके विरुद्घ लिखते हैं और ये उन लोगोंके स्थान खोजकर उनको मारनेकी योजनापर कार्य कर रहे थे ।

इन लोगोंको शुक्रवार, ३१ जनवरीको बांग्लादेशके उत्तरासे बन्दी बनाया गया है, इससे पूर्व इनके ही दलके एक और आतंकीको २८ जनवरीको बन्दी बनाया गया था, जिसका नाम मोहम्मद हबीब है, उसकी जानकारीके पश्चात इन चारोंको भी पकडा गया है !


बांग्लादेशमें गत वर्षोंमें हिन्दू लेखकों और आतंक विरुद्घ लिखनेवालोंकी हत्याके प्रकरण सामने आए थे । यह इस्लामिक मानसिकताका अब प्रत्येक स्थानपर प्रसारित होती जा रही है; क्योंकि इनका स्वतन्त्रतासे कोई लेना-देना नहीं है; इनका एक ही कार्य है, वह है विष फैलाना । बांग्लादेश शासन अन्य भी यदि इसप्रकारके आतंकी छिपे बैठे हो, उन्हें भी त्वरित पकडे और भारतीय प्रशासन भी सतर्क होकर देखें कि यह विष भारतमें न प्रसारित हो !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : दैनिक भारत



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