कडी सुरक्षाके मध्य इस्लामाबाद पहुंचे अमेरिकासे निकाले गए ५२ पाकिस्तानी नागरिक !!


मई १७, २०१९

अमेरिकाने एक बडी कार्यवाहीके अन्तर्गत ५२ पाकिस्तानी प्रवासियोंको उनके देश भेज दिया है । गुरुवार, १६ मईको दी गई जानकारीके अनुसार, ये प्रवासी कडी सुरक्षा व्यवस्थाके मध्य विशेष विमानसे इस्लामाबाद पहुंचे । पाकिस्तानके विदेश मन्त्री शाह महमूद कुरैशीने मंगलवारको पाकिस्तानकी ‘नेशनल असेंबली’की विदेश प्रकरण सम्बन्धी स्थायी समितिको सूचित किया कि अमेरिकी अधिकारियोंने आव्रजन उल्लंघन, आपराधिक आचरण और अन्य गम्भीर आरोपोंके आधारपर पाकिस्तानी नागरिकोंको बन्दी बनाया और अभियोग चलाया ।

 

विवरणके अनुसार, ५३ पाकिस्तानी नागरिकोंको स्वदेश आना था; परन्तु बुधवार, १५ मईको ५२ नागरिक ही देश पहुंचे; क्योंकि एक व्यक्ति अमेरिकी विमानतलपर (एयरपोर्टपर) रूग्ण हो गया था; इसलिए उसे स्वदेश नहीं भेजा जा सका । पाकिस्तानी नागरिक जब इस्लामाबाद अन्तर्राष्ट्रीय विमानतलपर (इंटरनेशनल एयरपोर्टपर) उतरे, तब अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी उनकी सुरक्षा कर रहे थे । उसके पश्चात उन्होंने इन नागरिकोंको पाकिस्तानी अधिकारियोंको सौंप दिया । आपको बता दें कि ट्रम्प प्रशासनने वीजाकी अवधि समाप्त होनेके पश्चात अमेरिकामें रह रहे विदेशियोंके विरुद्घ गत दिवसोंमें आरम्भ किया है । ये ५२ पाकिस्तानी वैसे विदेशी नागरिक थे, जो अमेरिकामें निर्धारित अवधिसे अधिक समयसे रह रहे थे ।

 

कुरैशीने यह भी पुष्टि की कि अमेरिकामें रह रहे कई पाकिस्तानी नागरिकोंको स्वदेश भेजनेको लेकर दोनों देशोंके मध्य विवादके पश्चात अमेरिकाने ३ वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियोंको प्रवेश-पत्र (वीजा) देनेसे मना कर दिया है । मन्त्रीने मंगलवार, १४ मईको बताया कि अमेरिकी वीजा प्रतिबन्धोंका सामना कर रहे पाकिस्तानी अधिकारियोंमें एक अतिरिक्त सचिव, गृह मन्त्रालयके एक संयुक्त सचिव और पारपत्र (पासपोर्ट) महानिदेशक सम्मिलित हैं । इस मध्य एक पृथक विमानसे यूनानसे स्वदेश भेजे गए ९ पाकिस्तानी अवैध प्रवासियोंको इस्लामाबाद अन्तर्राष्ट्रीय विमानतल पहुंचनेपर बन्दी बना लिया गया तथा उन्हें ‘एफआइए’के मानव तस्करी रोधी प्रकोष्ठमें भेजा गया है ।

 

‘एफआइए’ अधिकारीने बताया कि यूनानसे स्वदेश भेजे गए पाक नागरिकोंको आगेकी कार्यवाहीके लिए कारावासमें रखा गया है । वे भूमार्गसे यूरोप गए थे, जहां बादमें यूनानी अधिकारियोंने उन्हें बन्दी बना लिया था । उन्होंने बताया, चूंकि ये सभी पंजाब प्रान्तके गुजरात जनपदके रहने वाले हैं; इसलिए उन्हें आगेकी कार्यवाहीके लिए ‘FIA गुजरांवाला’’ भेजा जाएगा ।

 

“आतंकी राष्ट्रके साथ अब कोई किसीप्रकारके सम्बन्ध नहीं रखना चाहता है, यह अब पाकिस्तानको समझ आ रहा होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : वन इण्डिया

 



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