रमजानमें रोजा नहीं रखने देगा चीन, किसीमें बोलनेका साहस नहीं !


मई ७, २०१९

 

गत काफी लम्बे समयसे ये समाचार सामने आते रहे हैं कि चीनमें उइगर मुस्लिमोंके साथ धार्मिक आधारपर भेदभाव किया जा रहा है, उन्हें प्रताडित किया जा रहा है; परन्तु अब चीनसे जो समाचार आया है, उससे सम्पूर्ण इस्लामिक जगतमें खलबली मच गई है । समाचारके अनुसार, चीनमें रमजानके माहमें मुस्लिम बहुल शिंजियांग प्रान्तमें सार्वजनिक सेवाके अधिकारियों, छात्रों और अवयस्कोंके रोजा रखनेपर प्रतिबन्ध लगा दिया है । आश्चर्य इस बातका है कि कोई भी इतना साहस नहीं दिखा पा रहा है, जो चीनके इस पगका विरोध कर सके ।

शिंजियांग प्रान्तमें मुस्लिमोंके रोजा रखनेपर प्रतिबन्धके पीछे चीनने तर्क दिया है कि वह क्षेत्रके मुस्लिमोंको कट्टरपन्थसे दूर रखना चाहता है । शिंजियांग प्रान्तके आधिकारिक जालस्थलपर चीनी शासनने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि रमजानके समय सभीप्रकारकी खाद्य सेवाएं सामान्य रूपसे उपलब्ध रहेगी और इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा । इसके अतिरिक्त क्षेत्रके अधिकारियोंको भी इस बातके निर्देश दिए गए हैं कि रमजानके समय कोई भी व्यक्ति व्रत या अन्य किसी धार्मिक गतिविधिमें सम्मिलित ना हो । साथ ही छात्रोंको भी व्रत न रखने और मस्जिदमें प्रवेश न करनेके निर्देश दिए गए हैं ।

चीनने यह भी स्पष्ट किया है कि रमजानके माहमें वह शिंजियांग प्रान्तमें सामाजिक स्थिरता बनाए रखनेके लिए बडे स्तरपर निरीक्षण करेगा । सभी मस्जिदोंको प्रार्थना करने आ रहे मुसलमानोंके पहचान-पत्र जांचनेके निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं । इससे पूर्व समाचार सामने आए थें कि चीनके पश्चिमी प्रान्त शिनजियांगमें बडे स्तरपर उइगर मुस्लिमोंको ‘री-एजुकेशन’ शिविरमें रखा जा रहा है, जहां मुसलमानोंको मुस्लिम धर्मको छोडने और कम्युनिस्ट पार्टीके प्रति निष्ठा रखनेकी शपथ दिलवाई जाती है ।

 

“चीनने मुसलमानोंपर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया हुआ है, जिसके कारण वहां आतंकी घटना न समान ही है । हम किसीको प्रताडित करनेका समर्थन नहीं करते हैं; परन्तु विश्वमें जिसप्रकार मुसलमानोंद्वारा आतंकी घटनाएं सामने आई हैं, उसे देखकर तो यह ही अनुमान लगाया जा सकता है कि नियन्त्रणमें रखना ही उचित है । भारतमें हिन्दुओंसे अधिक अधिकार मुसलमानोंको दिए गए हैं और परिणाम सबके समक्ष है कि किस प्रकार इतने जनपद संवेदनशील हो चुके हैं और आए दिन संघर्ष होते रहते हैं । राष्ट्र इतनी हानि झेल चुका है कि यहां हिन्दुओंको अपने अस्तित्वका भी संकट प्रतीत हो रहा है । आए दिन जिहादकी अनेक घटनाएं सामने आ रही हैं तो ऐसेमें तुष्टिकरणका क्या लाभ है ? इसपर सभीने विचार करना चाहिए । ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : सुदर्शन न्यूज



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