चीनके उद्योगने भारतको भेजे अयोग्य रैबीज टीके !


अगस्त ८, २०१८

भारत सही कई देशोंको भेजी गई अयोग्य रैबीज टीकेको (वैक्सीन्सको) चीन वापस ले रहा है । चीनके एक उद्योगपर आरोप है कि उसने प्रतिरोधक क्षमता सम्बन्धी मानकोंका उल्लंघन करते हुए और अवैधानिक दस्तावेजोंके आधारपर अयोग्य रैबीज टीके बनाए ! समाचार विवरणके अनुसार गत सप्ताह टीकेके घोटालेके केन्द्रमें रहे चीनी उद्योग ‘चैंगचुन चैंगशेंग बायोटेक्नोलॉजी कार्पोरेशन’को लेकर उजागर हुआ था कि उसने अपना सामान भारत भी भेजा था ! बताया जा रहा है कि उद्योग २०१४ से निष्प्रभावी रैबीज टीके विक्रय कर रही थी ! विशेषज्ञोंका मानना है भारी संख्यामें भारतीय इसके संक्रमणमें आए होंगे, जिनकी मृत्यु दर २०१७ तक १०० प्रतिशत रही होगी ! दिल्लीमें एक शासकीय अधिकारीने समाचार माध्यमोंको बताया, ”जब तक जांच पूर्ण नहीं हो जाती, हमने चीनी उद्योगद्वारा तैयार की गए रैबीज टीकोेको वापस लेनेके लिए आदेश कर दिया है । हमें मिली सूचनाके अनुसार चीनी औषध नियन्त्रकने टीकोंका उत्पादन बन्द करनेका आदेश जारी कर दिया है ।”

समाचार विवरणके अनुसार चीनी शासनने ऐसे बहुत से देशोंके साथ जानकारियां साझा नहीं की हैं, जिन्होंने अयोग्य टीके क्रय किए ! शासनने कहा है कि चैंगचुन चैंगशेंगने १६ जुलाईसे निर्यात किए टीकोंको वापस लेना आरम्भ कर दिया है । चीनी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (सीएफडीए) टीकोंको वापस लेनेके कामकी निगरानी जारी रखेगा । विवरणके अनुसार भारतमें भेजे ऐसे टीकोंकी संख्या और उनकी तिथिके बारेमें जानकारी नहीं दी गई है ।

सीएफडीएकी ओरसे जारी किए गए समाचारके अनुसार चैंगचुन चैंगशेंगके रैबीज टीकोंके अवैध उत्पादनमें चीनी मन्त्रिमण्डलकी राज्य परिषदका दल जांच कर रहा है । वक्तव्यमें कहा गया है कि सीएफडीएने चीनमें विश्व स्वास्थ्य संगठनके प्रतिनिधि कार्यालयके साथ संचार बनाए रखा है । चीनके समाचार माध्यमोंकी ओरसे कहा गया है कि उत्तर-पूर्वी जिलिन प्रान्त आधारित चैंगचुन चैंगशेंगने अप्रैल २०१४ से रेबीज टीकोंका उत्पादन करते हुए राष्ट्रीय नियमोंका उल्लंघन किया ! शिनहुआ समाचार विभागके एक अधिकारीने मंगलवारको (७ अगस्त) बताया कि राज्य परिषदकेद्वारा भेजे जांच दलके अनुसार टीकेको वापस लेनेका काम पहले ही आरम्भ किया जा चुका है, उन देशों और क्षेत्रोंको इस बारेमें सूचना भी दी गई है, जहां इन टीका विक्रय किया गया ।

स्रोत : जनसत्ता



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