यहां डेढ लाख गायोंका होगा वध, २४ हजारकी हत्याकी जा चुकी है।


भारतमें जहां गायोंकी रक्षाके लिए अभियान चला जा रहे हैं, वहीं न्यूजीलैंडमें एक साथ १५०,००० गायोंका वध करनेकी तैयारी हो रही है ! न्यूजीलैंडमें गायोंके कारण विषाणु जनित रोग मायकोपलाज्मा (Mycoplasma) फैल रहा है ! इससे मानवों और फसलोंको बचानेके लिए यहांकी सरकार इतनी भारी संख्यामें गायोंके वधकी तैयारी कर चुकी है।

ज्ञात हो कि न्यूजीलैंड एक कृषि प्रधान देश है। यहांकी अर्थव्यवस्था खेतीपर ही निर्भर है। गायोंमें पनपे मायकोपलाज्मा रोगसे उपजको भी हानि पहुंच रही है। उत्पादनमें काफी गिरावट हुई है। ऐसे में यहां की सरकारने एक साथ इतनी संख्यामें गायोंके वधका निर्णय लिया है !

पिछले वर्ष जुलाईमें पहली बार गायमें मायकोपलाज्माका संक्रमण हुआ था। यह विषाणु पहली बार यूरोप और अमेरिकामें पाया गया था। इस विषाणुका संक्रमण गायोंके थनमें होता है। इसके बाद गायोंको निमोनिया, मास्टिटिस, निमोनिया, गठिया सहित अन्य रोग हो जाता है।
इस रोगको खाद्य सुरक्षाके लिए भय नहीं माना जाता है ; लेकिन खेतोंपर उत्पादन हानिका कारण बनता है। न्यूजीलैंडकी प्रधानमंत्री जेसिंदा आर्डर्नने कहा, ‘कैबिनेटके सदस्योंने उद्योग जगतसे जुडे लोगोंके साथ भेंट की, जिसमें न्यूजीलैंडसे मवेशी जनित रोग मायकोपलाज्माके उन्मूलनका प्रयास करने का निर्तय लिया गया है।’

न्यूजीलैंडमें अभी तक ३८ कृषिक्षेत्रमें मायकोप्लाज्मा बोविस मिला है और ऐसा कहा जा रहा है कि इससे प्रभावित कृषिक्षेत्रकी संख्या बढकर १४२ भी हो सकती है। पिछले कुछ महीनोमें २४ हजार गायोंका वध किया जा चुका है। इस संक्रमणको रोकनेके लिए अगले एक वर्षमें १,२६,००० गायोंको वध करनेकी योजना है !

प्रधानमन्त्री जेसिंडा एरडेर्नने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्थाकी आधार कृषि क्षेत्रके संरक्षणके लिए यह पग उठाया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह कठिन निर्णय है। कोई भी इतनी बडी संख्यामें मवेशियोंको नहीं मारना चाहता। लेकिन इसका कोई विकल्प नहीं है क्योंकि ऐसा नहीं करने पर रोग फैलेगा !



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