बुर्केका विरोध ईरानमें करनेवाली महिलाको मिला क्रूर दण्ड, मौन है स्त्रीमुक्ति आन्दोलनके लोग, सभी राष्ट्र विरोध करें !!


अप्रैल ३०, २०१९


  
ईरानकी प्रसिद्ध अधिवक्ता (वकील) तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता नसरीन स्‍तेयूदेहको हिजाब और बुर्काके विरुद्घ लडाई लडने और इन्‍हें माननेवाली महिलाओंका पक्ष लेनेके लिए १४८ कोडों और ३८ वर्षोंका कारावासका दण्ड दिया गया है ! ५५ वर्षीय नसरीनने उन महिलाओंका पक्ष लिया था, जिन्‍होंने सार्वजनिक रूपसे अपने हिजाबको हटा दिया था । नसरीनने न्यायालयमें भी इन महिलाओंका अभियोग लडा था । अब नसरीनको ३८ वर्ष कारावासमें व्यतीत करने होंगे तथा उन्हें १४८ कोडे मारे जाएंगें !

उल्लेखनीय है कि ईरानकी कई महिलाएं गत दिवसोंमें आगे आईं थी और उन्‍होंने अनिवार्य हिजाब या बुर्काको उतारकर चित्र सामाजिक जालस्थलपर प्रेषित किए थे । ईरान महिलाओंके लिए हिजाब और बुर्का अनिवार्य है । कई महिलाओंने तो इसका वीडियोतक बनाकर सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर डाला था । नसरीनको गत वर्ष जूनमें बन्दी बनाया गया था । इसके पश्चात ईरानने उनपर जासूसी और उच्चतम ईरानी नेताके विरुद्घ दुष्‍प्रचार करनेका आरोप लगाया था ।

नसरीनके पिता रेजा खानदानने इस बातकी पुष्टि ‘फेसबुक’पर एक पत्र लिखकर की है । नसरीनके दण्डके विरुद्घ विश्वभरमें अभियान चलाया जा रहा है तथा तथा अबतक ११९९७७ लोग उन्‍हें मुक्त करनेसे जुडी याचिकापर हस्ताक्षर कर चुके हैं; परन्तु दुःखद है कि म्यांमार, सीरिया, श्रीलंकाके प्रकरणको लेकर चीखनेवाले भारतके बुद्धिजीवी ईरानी महिलाको न्याय दिलानेके नामपर मौन हैं ।

 

“इस प्रकरणको आजके बुद्धिजीवि, तथाकथित नारीवादी और पत्रकार देखें और बताएं कि स्त्रीमुक्ति क्या है ? क्या अशालीन वस्त्र पहनकर पबमें धुम्रपान, मद्यपान करनेकी अनुमति स्त्रीमुक्ति है या ऐसे इस्लामिक कृत्योंसे मुक्ति स्त्रीमुक्ति है ?  कई वैश्विक और राष्ट्रीय पत्रकारोंको आज केवल हिन्दू धर्ममें बुराई दिखती है । तथ्योंको तोड-मरोडकर दिखाते हैं कि हिन्दू महिलाओंको स्वतन्त्रता नहीं है; परन्तु इस क्रूर कृत्यपर सभी मौन है ! इस्लाममें महिलाओंको दास और बच्चे करनेकी मशीन मात्र समझा जाता है तो उन्हें हिजाब और बुर्का पहना दिया जाता है, जो स्त्रियोंपर कोढके समान है । यह अब समूचे विश्वको प्रतिबन्धित करना चाहिए और मुसलमान महिलाओंको भी आगे आकर इन्हें जलाना चाहिए, जो कि इस्लामके ठेकेदारोंके मुखपर थप्पड होगा और साथ ही विश्वके सभी देश नसरीनके पक्षमें खडे हों और ईरानपर बल बनाएं ताकि निर्दोषको दण्ड न मिले । कोडोंके वास्तविक दण्डके पात्र तो वे लोग है, जो ऐसी निकृष्ट मानसिकताको बढावा देते हैं ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : सुदर्शन न्यूज



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