आतंकी विस्फोटके पश्चात श्रीलंकाने किया २०० मौलानाओं सहित ६०० लोगोंको देशसे निकाला !


मई ५, २०१९


श्रीलंका, ईस्टर आत्मघाती बम विस्फोटके पश्चात अबतक २०० मौलानाओं सहित ६०० से अधिक विदेशी नागरिकोंको निष्कासित कर चुका है ! एक मन्त्रीने रविवार, ५ मईको यह जानकारी दी । गृह मन्त्री वाजिरा अभयवर्द्धनेने कहा कि मौलाना वैध रूपसे देशमें आए थे; परन्तु आक्रमणके पश्चात हुई सुरक्षा जांचमें पाया गया कि वह अनुमतिपत्र (वीजा) समाप्त होनेके पश्चात भी देशमें रह रहे थे ! इसके लिए उनपर अर्थदण्ड (जुर्माना) लगाकर देशसे निष्कासित कर दिया गया ! अभयवर्द्धनेने कहा, “देशमें सुरक्षाकी वर्तमान स्थितिको ध्यानमें रखते हुए हमने वीजा प्रणालीकी समीक्षा की और धार्मिक शिक्षकोंके लिए ‘वीजा’ प्रतिबन्धको कडा करनेका निर्णय लिया ।”

उन्होंने कहा, “निष्कासित किए गए लोगोंमें २०० मौलाना हैं !” उल्लेखनीय है कि श्रीलंकामें हुए विस्फोटको स्थानीय मौलानाने किया था, जिसने आक्रमणसे पूर्व पडोसी देश भारतका भ्रमणकर जिहादियोंसे सम्पर्क बनाए थे । इसका उत्तरदायित्व एक स्थानीय जिहादी समूहने लिया था ।  

देशमें सबसे भीषण आतंकी आक्रमणके दो सप्ताहके पश्चात भारी सुरक्षा व्यवस्थाके मध्य सोमवार, ६ मईको श्रीलंकामें पुनः विद्यालय खुलेंगें । आक्रमणके पश्चात अधिकारियोंने शैक्षणिक संस्थानोंको बन्द कर दिया था । आक्रमणके पश्चात अधिकारियोंने अगले आदेशतक विद्यालयोंको बंद कर दिया था । ‘कोलम्बो पेज’के समाचारके अनुसार, सोमवारको छठीसे लेकर १३वीं कक्षा तकके सभी शासकीय विद्यालयोंका दूसरा सत्र आरम्भ हो जाएगा ।

पहलीसे लेकर पांचवींतकका दूसरा सत्र १३ मईको आरम्भ होगा । यद्यपि, शासकीय सूचनाके महानिदेशक नलका कलुवेवाके अनुसार, कक्षा छठी और उससे ऊपरकी कक्षाएं ही चलेंगीं । मन्त्री अकिला विराज करियावासमने बताया कि विद्यालयके नूतन सत्रके आरम्भके साथ परिसरोंमें एक विशेष सुरक्षा कार्यक्रमको पारित किया जाएगा ।

 

“श्रीलंकाको एक ही बारमें आतंकका धर्म और मूल ज्ञात हो गया, जो २०० मौलानाओंको देशसे बाहर कर दिया तो एक ओर भारत है, जो इतने विस्फोटके पश्चात भी आतंकका धर्म ज्ञात करनेमें लगा है । मोदी शासनने कुछ इस्लामिक संस्थाओंपर प्रतिबन्ध अवश्य लगाया है; परन्तु मूलतक फैले इस कोढको नष्ट करनेके लिए इतनी कार्यवाही पर्याप्त नहीं है; अतः भारत शासन भी श्रीलंकासे इस प्रकरणमें शिक्षा ले और आतंकके मूलको नष्ट करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 


स्रोत : जी न्यूज



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