इजराइलका 1974 के बाद सबसे बडा सैन्य अभियान, सीरिया में ईरानी ठिकानोंको किया नष्ट


यरुशलम: इजराइल ने गुरुवार(10 मई) को कहा कि उसके सीमाक्षेत्र में रॉकेट दागे जाने के जवाब में बीती रात सीरिया में लगभग सभी ईरानी ठिकानों पर हमला किया है ‌. वर्ष 1974 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से सीरिया में इजराइल का यह सबसे बड़ा अभियान है. इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने दावा किया कि बीती रात ईरानी और इजराइली सेनाओं के बीच अब तक का सबसे बड़ा सैन्य संघर्ष हुआ. इजराइल के रक्षा मंत्री अवीगदोर लिबरमैन ने कहा कि उनकी सेना ने सीरिया में लगभग सभी ईरानी ठिकानों पर हमला किया है.

यह पहला मौका है, जब इजराइल ने उसके सीमा क्षेत्र में मिसाइल दागे 
यह कार्रवाई गोलन हाईट्स की पहाड़ियों में उसकी सैन्य चौकियों पर ईरान के रॉकेट दागे जाने की प्रतिक्रिया में की गई ‌. यह पहला मौका है, जब इजराइल ने उसके सीमा क्षेत्र में मिसाइल दागे जाने के लिए ईरान पर प्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाया है. लिबरमैन ने कहा कि इस्राइल संघर्ष नहीं बढ़ाना चाहता है.

 उन्होंने कहा कि इजराइल सीरिया को उनके देश के खिलाफ अग्रिम मोर्चा नहीं बनने देगा. हालांकि, इजराइल को अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की कोई इच्छा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हमने इस अध्याय को बंद कर दिया है. ईरान सही मायने में एक मात्र देश है, जो चरमपंथ का न सिर्फ वैचारिक रूप से प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि इस विचारधारा के लिए अपने भविष्य की भी कुर्बानी देता है. ’’ उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इजराइल सरजमीं में कोई रॉकेट नहीं गिरा है.

इजराइल पर दागे गए 20 में चार रॉकेट को मिसाइल रोधी प्रणाली से रोक दिया गया 
सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इजराइल पर दागे गए 20 में चार रॉकेट को मिसाइल रोधी प्रणाली से रोक दिया गया जबकि 16 सीरियाई भूमि में गिरे. प्रवक्ता ने कहा कि आईडीएफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. यह ईरानी लक्ष्यों के खिलाफ इजराइल का अब तक का सबसे बड़ा अभियान है.

उन्होंने बताया कि सभी लक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया जिससे ईरानियों को भारी नुकसान हुआ है. गौरतलब है कि योम-किप्पर युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त करते हुए इजराइल और सीरिया के बीच 1974 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे.



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