इमरानका नूतन जिहादी पाकिस्तान: विवाहित ईसाई महिलाका अपहरणकर बलात मुसलमान बनाकर किया निकाह !!


मार्च १७, २०१९

अल्पसंख्यकोंको लेकर भारतको परामर्श देनेवाले पाकिस्तानमें इमरान खानके “नया पाकिस्तान” नारेको लज्जित करनेवाला प्रकरण सामने आया है । इस्लामाबादमें एक विवाहित ईसाई महिला साइमा इकबालको उसके घरसे अपहरण करके ले जानेवालेने उसका बलात धर्म परिवर्तन करके, उससे बलपूर्वक निकाह कर लिया ! ३५ वर्षीय साइमाके तीन बच्चे भी हैं ।

पुलिस साइमाके पति नाविदकी सहायता करनेके स्थानपर उन्हें मौन रहनेका परामर्श दे रही है और उधर उनकी पत्नीको बलात अपनी पत्नी बनानेवाला स्थानीय गुंडा खालिद सट्टी उन्हें चेतावनी दे रहा है कि यदि उन्होंने पुलिसमें दी गई परिवाद वापस नहीं ली तो उनके साथ उनके तीनों बच्चोंकी भी खैर नहीं !!

पाकिस्तानके अल्पसंख्यक समाजको भयमें डालने और अपमानित करनेवाला यह लज्जाजनक प्रकरण २५ फरवरीका है । घटना तब सामने आई जब साइमाके पति नाविद इकबालने अपनी आपबीती बताते हुए एक वीडियो सामाजिक जालस्थलपर डाला ।

इस वीडियोके अनुसार उनकी पत्नीको इस्लामाबादके उनके घरसे तब अपहरण किया गया, जब वह एक ‘कॉल सेंटर’में रात्रिमें कारँय करने गए थे । २६ फरवरीको प्रातः घर आनेपर उन्हें जब अपनी पत्नीके अपहरण होनेका समाचार मिला तो वह थाने परिवाद करने गए । पुलिस नाविदकी सहायता करनेके स्थानपर उन्हें मौन रहनेका परामर्श दे रही है ।

पत्नीको अपहरण करनेवाले गुंडेकी चेतावनीके भयसे नाविद अपने तीनों बच्चोंके साथ घर छोडकर सुरक्षित स्थानपर रह रहे हैं । पुलिसने साइमाको खालिद सट्टीके घरसे निकालकर एक महिला आश्रय गृहमें भेज दिया है । ईसाई दंपत्ति साइमा और नाविद इकबालकी कहानी सामाजिक जालस्थलपर तो है; परन्तु पाकिस्तानी समाचार माध्यमोंने इस लज्जास्पद प्रकरणका कठिनाईसे ही संज्ञान लिया है !

कुछ मानवाधिकर कार्यकर्ता और अल्पसंख्यकोंके हितोंके लिए काम करनेवाले संगठन अवश्य ही साइमा और नाविदके पक्षमें आवाज उठा रहे हैं ।

यह प्रकरण इसलिए कहीं गंभीर है; क्योंकि इसके पूर्व पाकिस्तानके अल्पसंख्यक समाजकी युवतियोंको अपहरणकर और उनका धर्मपरिवर्तन कर उनसे विवाह करनेके प्रकरण ग्रामीण क्षेत्रोंसे ही सामने आते थे । सिंध प्रांतके कुछ ग्रामीण क्षेत्र इसके लिए कुख्यात हैं कि वहां अव्यस्क हिन्दू लडकियोंको अपहरणकर उनसे बलपूर्वक इस्लाम स्वीकृत करवानेके पश्चात उनका विवाह किसी मुस्लिमके साथ कर दिया जाता है ।

साइमाके पति नाविदके अनुसार पुलिसने उनकी परिवादपर चार-पांच दिनतक कुछ नहीं किया । जब एक मार्चको उन्होंने आत्महत्या करनेकी चेतावनी दी तो वह जागी ! ५ मार्चको उसने नाविदसे कहा कि साइमाने तो धर्म परिवर्तनकर निकाह कर लिया है । पुलिसने उन्हें साइमाके निकाहके कथित लिखितपत्र भी दिखाए ।

नाविदका कहना है कि ये सब नकली हैं और धर्म परिवर्तनवाले कागदपर किसी मौलवीके हस्ताक्षर तक नहीं हैं । नाविदने इन लिखितपत्रोंको न्यायालयमें चुनौती दी है । १९ मार्चको न्यायालय इस प्रकरणको सुनेगी; परन्तु उन्हें न्याय मिलनेकी आशा अल्प ही है; क्योंकि पाकिस्तानके न्यायालय साधारणतया इसप्रकारके

लिखितपत्रोंको उचित बताती हैं । साइमा और इकबालका विवाह १५ वर्ष पूर्व हुआ था । उनके चार, आठ और १३ वर्षके तीन बच्चे हैं ।

 

“यह है पाकिस्तानका विषकारी सत्य ! अभीतक तो धर्मान्ध जिहादी केवल हिन्दू युवतियोंको अपहरणकर उनसे बलात विवाह करते थे; परन्तु अब विवाहित महिलाओंको भी उठाने लगे हैं ! इस कार्यमें पाकिस्तानी समाचार माध्यम, नेता और पुलिस भी साथमें ही है, इससे ज्ञात होता है कि यह एक सामान्य मानवोंके रहने योग्य नहीं वरन पागल जिहादियोंका एक गन्तव्य व निवासीय स्थान बन गया है और न्यायालयसे भी अधिक आशा करना बेकार ही है; क्योंकि प्रायः न्यायालय भी वहां ऐसे प्रकरणपर कुछ नहीं कर पाते हैं; क्योंंकि सम्भवतः भीतर ही भीतर वे भी इस्लामके आदेशानुसार जिहादी मानसिकताको ही ढो रहे हैं ! भारतको अल्पसंख्यकोंकी रक्षाका पाठ पढानेवाले इमरान खान तनिक पौरुष व राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाकर पीडितोंको न्याय दिलवाए, ताकि उनके कहे अनुसार पठानका वचन तो बना रहे !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जागरण



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