३० कोटि डॉलरकी निधि रुकनेसे तिलमिलाया पाकिस्तान


सितम्बर ३, २०१८

दक्षिण एशिया रणनीतिके अन्तर्गत ठोस कार्यवाही नहीं करने पर अमेरिकाने ‘कोलिजन सपोर्ट फण्ड’के अन्तर्गत पाकिस्तानको दी जाने वाली ३० कोटि डॉलरकी राशि रोक दी है । वहीं पाकिस्तानका कहना है कि इस राशिको अमेरिकी सहायताके रूपमें परिभाषित नहीं किया जा सकता है ।

पाकिस्तानके विदेश मन्त्री शाह महमूद कुरैशीने रविवारको कहा कि अमेरिकाने ‘कोलिजन सपोर्ट फण्ड’के अन्तर्गत ३० कोटि डॉलरकी राशि दी थी । इसे ‘आर्थिक सहायता’के रूपमें परिभाषित नहीं किया जा सकता है । उन्होंने कहा, “अमेरिकाके विदेश मन्त्री माइक पोम्पियो पांच सितम्बरको पाकिस्तान आने वाले हैं । हम अमेरिकी राजनयिकके समक्ष अपना पक्ष रखेंगे । हम पारस्परिक सम्मान और समझके सिद्धान्तोंके अनुसार अपने स्थगित द्विपक्षीय सम्बन्धोंमें प्राण डालनेका प्रयास करेंगे । यह पैसा हमारा था जो हमें आतंकवादके विरुद्ध अमेरिकी लडाईमें सम्मिलित होनेके कारण मिला था ।”

गौरतलब है कि पेंटागनके अमेरिकी संसदसे अनुरोध करनेपर यह निर्णय किया है; क्योंकि पाकिस्तान दक्षिण एशिया रणनीतिके अन्तर्गत ठोस कार्यवाही करनेमें असफल रह रहा है ।

पेंटागनके प्रवक्ता कोन फकनरने बताया कि रक्षा विभागने जून/जुलाई, २०१८ में इस पर प्राथमिकता से विचार किया; क्योंकि ३० सितम्बर, २०१८ को इस निधिके प्रयोगकी अवधि समाप्त हो जाएगी ।

साथ ही रक्षा विभाग अभी तक ‘कोलिजन सपोर्ट फण्ड’के रूपमें पाकिस्तानको दी जाने वाली ८० कोटि डॉलरकी राशिपर पुन:विचार कर चुका है; क्योंकि अमेरिकाके रक्षा मन्त्री जिम मैटिसने यह प्रमाणपत्र देने से मना कर दिया है कि पाकिस्तानने हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबाके विरूद्ध कडे पग उठाए हैं ।

रक्षा मन्त्रालयके प्रवक्ता लेफ्टिनेण्ट कर्नल कोनी फॉकनरने कहा है कि अमेरिक रक्षा विभाग अब इस धनका उपयोग प्राथमिकताओंके आधारपर निर्धारित करेगा । अमेरिकाका कहना है कि पाकिस्तान उन आतंकी समूहोंके लिए सुरक्षित स्थान बना हुआ है, जो निकटवर्ती देश अफगानिस्तानमें गत कई वर्षो से युद्ध छेडे हुए हैं ।

स्रोत : जी न्यूज



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