‘एफएटीएफ’ने पाकिस्तानका नाम ‘ग्रे लिस्ट’में डाला !


जून २८, २०१८

पाकिस्तानद्वारा आतंकवादियोंको निधिबन्धनपर (फण्डिंग) रोक पानेमें विफल रहनेके कारण ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ने (एफएटीएफ) उसे निगरानी सूचीमें (ग्रे लिस्ट) डाल दिया है । ‘एफएटीएफ’ वैश्विक आतंकी संगठनोंपर वित्तीय प्रतिबन्ध लगानेके लिए ‘प्रहरी’के रूप में कार्य करने वाला संगठन है । पाकिस्तानकी ओरसे इस्लामाबादसे अपना पक्ष रखनेके लिए अन्तरिम वित्त मन्त्री शमशाद अख्तरको पेरिसमें चल रही ‘एफएटीएफ’की बैठकमें भेजा गया था । पाकिस्तानके विरुद्ध यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबन्धित आतंकी संगठनोंकी फण्डिंगके (निधिबन्धन) विरुद्ध कडी कार्रवाई नहीं करनेको लेकर लिया गया है ।

पाकिस्तानने आतंकवादी संगठनोंको होने वाली फण्डिंगपर (निधिबन्धन) चोट करनेके लिए ‘वित्तीय कार्रवाई कार्य बल’को (एफएटीएफ) २६ सूत्री विस्तृत कार्य योजना सौंपी थी, ताकि पाकिस्तान स्वयंको ‘एफएटीएफ’द्वारा प्रतिबन्धित सूचीमें (ब्लैक लिस्ट) डाले जानेसे बच सके । जिन आतंकवादी संगठनोंकी फण्डिंगपर (निधिबन्धन) चोट करनेकी योजना है, उनमें मुम्बई विस्फोटका कुख्यात बुद्धि (मास्टरमाइण्ड) हाफिज सईदकी नेतृत्व वाला ‘जमात-उद-दावा’ और उसके कई सहयोगी संगठन भी सम्मिलित हैं । ‘एफएटीएफ’ एक ‘अन्तर सरकारी निकाय’ है, जिसका गठन धनशोधन, आतंकवादियोंके वित्तपोषण और अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्थाको किसी तरहके अन्य संकटसे जूझनेके लिए किया गया था ।
इसकी स्थापना १९८८ में हुई थी । पाकिस्तान अभी एफएटीएफकी ‘ग्रे लिस्ट’में है । गत माहमें पाकिस्तान ऐसे देशोंकी सूचीमें सम्मिलित होनेसे बचनेका प्रयास करता रहा है, जिन्हें ‘एफएटीएफ’ धनशोधन-निरोधक नियमों और आतंकवादी वित्तपोषण नियमनका पालन नहीं करने वाला मानता है । स्थानीय अधिकारियोंको आशंका थी कि यदि एफएटीएफने पाकिस्तानको प्रतिबन्धित सूचीमें डाल दिया तो उससे देशकी अर्थव्यवस्था अव्यवस्थित हो सकती है, जो पहले से ही बुरी स्थितिमें है । ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’के समाचारमें कहा गया कि पेरिसमें आयोजित एफएटीएफके अधिवेशनमें पाकिस्तानकी २६ सूत्री कार्य योजनापर वार्ता आरम्भ हुई ।

वित्त मन्त्रालयके सूत्रोंके माध्यमसे समाचारपत्रने कहा कि पाकिस्तानकी योजना है कि ‘आईएसआईएस’, ‘अल-कायदा’, ‘जमात-उद-दावा’ और इसके सहयोगी संगठन ‘फलह-ए-इंसानियत फाउण्डेशन’ और ‘लश्कर-ए-तैयबा’, ‘जैश- ए- मोहम्मद’, ‘हक्कानी नेटवर्क’ और ‘तालिबान’से सम्बन्धित लोगोंकी फण्डिंगपर (निधिबन्धन) चोटकी जाए ! ऐसा प्रथम बार है कि सभी २६ कार्रवाइयोंको विस्तृत रूपमें प्रकाशित किया गया है !

स्रोत : जी न्यूज



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