भयभीत पाकिस्तानकी आतंकके केन्द्र मदरसोंपर कार्यवाही, भारत भी ले सीख !


मार्च ८, २०१९


पुलवामा आतंकी आक्रमणके पश्चात विश्व भरसे दबाव झेल रहा पाकिस्तान अब आतंकके विरुद्घ कुछ कार्यवाही करता दिख रहा है । पाकिस्तानने गुरुवारको बताया कि उसने आतंकियोंके विरुद्घ अपनी कार्यवाहीको तीव्र किया है । इसीके अन्तर्गत शासनने १८२ मदरसोंको अपने नियन्त्रणमें ले लिया है और प्रतिबन्धित आतंकी संगठनोंके विरुद्घ कार्यवाही करते हुए १०० से अधिक लोगोंको बन्दी बना लिया है ।

यद्यपि पाकिस्तानके आन्तरिक मन्त्रालयने कहा कि आतंकियोंके विरुद्घ यह कार्यवाही पूर्व निर्धारित योजनाके अन्तर्गत की गई है ।


पुलवामा आक्रमणका उत्तरदायित्व पाकिस्तानमें सक्रिय आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ने लिया था । इसके पश्चात भारतने विश्व भरमें पाकिस्तानको आतंकवादके प्रकरणपर पृथक करनेकी रणनीतिपर काम किया । अमेरिका, फ्रांस, इजरायल और ब्रिटेन जैसे देशोंने पुलवामामें पाक स्थित आतंकी संगठनोंको उत्तरदायी माना है ।

पुलवामा आक्रमणके पश्चात पाकिस्तानपर आतंकियोंके विरुद्घ कार्यवाही करनेका दबाव है । पाकिस्तानके आन्तरिक प्रकरणके मन्त्रालयने वक्तव्य जारीकर बताया कि प्रान्तीय शासनने १८२ मदरसोंके प्रशासनको अपने हाथमें ले लिया है । इन मदरसोंके आतंकी गतिविधियोंमें संलिप्त होनेका संदेह है । पाकिस्तान शासनने कहा कि वैधानिक विभागोंने १२१ लोगोंको इसके अन्तर्गत बन्दी बनाया है ।

 

“आतंकके जनकसे कार्यवाहीकी आशा तो नहीं है; परन्तु विचित्र बात यह है कि यदि वह कार्यवाही कर भी रहा है तो सर्वप्रथम मदरसोंपर कर रहा है ! क्या अब भी हम मदरसोंको भाई-चारे अन्तर्गत चलनेवाले शैक्षणिक संस्थान मानेंगें ? क्या केवल यही प्रकरण हमारे मदरसोंके प्रति निर्मित सम्भ्रमको तोडनेके लिए पर्याप्त नहीं है ? अथवा हमारे शासक वर्ग अब भी वोटबैंकके लिए भाइ-चारे अन्तर्गत चलनेवाले इन आतंक केन्द्रोंको पोषित करते रहेंगें ? सम्पूर्ण विश्व आतंकके इन केन्द्र बिन्दुओंको नष्ट कर रहा है तो अब हिन्दुस्तान भी शिक्षा ले और इनपर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगाकर बालकोंको मुख्य धाराके विद्यालयोंमें भेजे ! मैकॉले शिक्षण संस्थानोंमें कुछ सीखे अथवा न सीखे; परन्तु कमसे कम आतंकी नहीं बनेंगें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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