परमाणु सन्धिसे अमेरिकाके हटनेपर ईरान राष्ट्रपतिने कहा – ‘यह एकपक्षीय पग विश्वके लिए अच्छा नहीं !’


जून ९, २०१८

ईरानके राष्ट्रपति हसन रूहानीने ईरान परमाणु सन्धिसे हटनेको लेकर अमेरिकाकी रविवार, १० जूनको आलोचना की । वहीं, उन्होंने इसका संरक्षण करनेके प्रयासको लेकर चीन, रूस और यूरोपकी सराहना की । ‘शंघाई सहयोग संगठन’के (एससीओ) वार्षिक सम्मेलनको सम्बोधित करते हुए रूहानीने कहा कि अमेरिका दूसरे देशोंपर अपनी नीतियां थोपनेका प्रयास कर रहा है, जो सभी बडी शक्तियोंके लिए एक चेतावनी है ! उन्होंने कहा कि अमेरिकाका यह एकतरफा पग विश्वके लिए अच्छा नहीं है ।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंगने भी सन्धिसे हटने शको लेकर अमेरिकापर परोक्ष वार करते हुए इस प्रकरणके बारेमें कहा कि चीन सन्धिको बचानेके लिए रूस और अन्य देशोंके साथ काम करना चाहता है । रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनने भी अमेरिकी निर्णयकी आलोचना करते हुए कहा कि यह पग खाडी क्षेत्रको अस्थिर कर सकता है । ज्ञात है कि चीन और रूस सहित कई यूरोपीय देश इस सन्धिको बचानेका प्रयास कर रहे हैं ।

‘जी ७’ देशोंके नेताओंने अमेरिकाके साथ एक संयुक्त वक्तव्यमें रविवार, १० जूनको संकल्प व्यक्त किया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरानका परमाणु कार्यक्रम शान्तिपूर्ण बना रहे ! यह कथन ऐसे समय आया है, जब यूरोपीय गठबन्धन सहयोगी ट्रम्पके इस अंतरराष्ट्रीय सन्धिसे स्वयंको भिन्न करनेके निर्णयसे खुश नहीं हैं ।

कनाडामें हुए दो दिवसीय शिखर सम्मेलनके समापनके अवसरपर नेताओंने कहा कि हम ईरानके परमाणु कार्यक्रमको स्थायी रूपसे शान्तिपूर्ण बनाए रखनेके लिए प्रतिबद्ध हैं ! ईरान अन्तर्राष्ट्रीय रूपसे किए गए वचनके अनुरूप कभी भी परमाणु शस्त्र विकसित करने या पानेका प्रयास नहीं करेगा !

कथन में कहा गया है कि हम ईरानद्वारा प्रायोजित सभी आतंकी समूहों सहित आतंकवादको धन देनेकी निन्दा करते हैं । हम ईरानसे मांग करते हैं कि वह आतंकवाद रोधी प्रयासोंमें योगदान दे तथा क्षेत्रमें राजनीतिक समाधान और शान्ति प्राप्त करके रचनात्मक भूमिका निभाए ! ‘जी ७’ में जर्मनी , फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश सम्मिलित हैं । इन्होंने २०१५ में अमेरिकाके साथ मिलकर ईरानके साथ परमाणु सन्धिपर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद ईरानपर से पाबन्दियां हटाई गई थीं ।

स्रोत : जी न्यूज



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