सही ढंगसे पत्नीको कैसे पीटें, कतरके इस्लामिक समाजशास्त्रीका वीडियो !!


अप्रैल १९, २०१९
   
कतरके एक समाजशास्त्रीका वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह यह बता रहा है कि कैसे पुरुषोंको अपनी पत्नियोंको मारना चाहिए !! वीडियो अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारीने अपने ‘यूट्यूब चैनल’पर यह वीडियो प्रेषित किया है ।

यूट्यूबपर वीडियोके शीर्षकमें लिखा है, “कतरके समाजशास्त्री अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारी यह दिखा रहा हैं कि पत्नीको मारनेका सही ढंग क्या है ?
(Qatari Sociologist Abad Al-Aziz Al-Khazraj Al-Ansari Demonstrates Correct Wife-Beating in Islam)

वीडियोके आरम्भमें अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारीने कहा, “प्यारे दर्शकों ! कई लोग, जो लोग विवाहित है, वह यह जानना चाहेंगे कि कैसे अपनी पत्नीको मारें ? क्या पत्नीको मारना आवश्यक है ? एक पुरुषको अपनी पत्नीको प्रतिदिन मारना चाहिए ? नहीं !”

अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारीने कहा, “मार हल्की होनी चाहिए । पति यह सुनिश्चित करे कि उसकी पत्नी स्त्रीत्व और अपने पतिके पुरुषत्वको अनुभव करे ।

वीडियोमें एक और लडका है, जिसका नाम है नाएफ । इस लडकेको वीडियोमें अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारीने पत्नी माना है । वीडियोमें अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारी नाएफको जोरसे उसके कंधेपर मारते हुए बताता है कि पत्नीको कैसे मारा जाए ?

अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारी वीडियोमें कह रहा है, “पति यह निर्धारित करे कि उसकी पत्नी सशक्ताको अनुभव कर सके ।

अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारीने वीडियोमें कहा, “पहले, हमें समझना चाहिए कि आदमी घरका मुखिया है । एक मुखियाके पास एक कंपनी प्रबन्धककी भांति ही अधिकार होते हैं । घरका मुखिया पत्नीको अनुशासित रखनेका निर्णय कर सकता है, ताकि जीवन आगे बढ सके । एक पति अपनी पत्नीको कैसे पीटता है ? वह उसे प्यारसे एक अनुशासनात्मक मार देता है । वह उससे प्यार करता है । अब, आइए देखें कि इस्लाम कैसे सिखाता है कि आपकी पत्नीको कैसे मारा जाए ? आइए कल्पना करें कि नाएफ यहां, नाएफ एक लडका है; आइए कल्पना करें कि वह पत्नी है । एक पतिको अपनी पत्नीको कैसे पीटना चाहिए ?”

अब्द अल-अजीज अलखजरज अल अंसारीने वीडियोमें कहा, ‘पहले, उसे उसे बुलाना चाहिए । दूसरे शब्दोंमें, उसे उसे परामर्श देना चाहिए, तदोपरांत उसे उसके साथ बिस्तर साझा करनेसे बचना चाहिए । यदि यह सब सहायता नहीं करता है, तो हम अन्तिम उपायके रूपमें मारना आरम्भ करते हैं । जिससे चोट नहीं लगती या रक्त नहीं निकलता, पत्नीको इसप्रकार बिना वेदनाके मारना चाहिए ।”

वीडियोको ‘यू-ट्यूब’पर ५ लाखसे अधिक बार देखा गया है और यह विरोधका कारण बना हुआ है ।

 

“इस्लाम ऐसे ही तथाकथित पवित्र तीन तलाक, हलाला आदिसे महिलाओंका जीवन नर्क बनानेका सन्देश देता है, अब इसपरसे ये तथाकथित समाजशास्त्री महिलाओंको कैसे मारा जाए ?, इसका सन्देश दे रहे हैं । निस्सन्देह ये महोदय कोई हिंसक मारके लिए नहीं कह रहे हैं; परन्तु जिन लोगोंको वे यह बात बता रहे हैं, वे विपरित बुद्धिके लोग हैं और राइका पहाड करना जानते हैं, कहीं इन महोदयकी ये सीख किसी धर्मान्धके कारण किसी महिलापर अति भारी पड गई तो क्या ये उत्तरदायित्व लेंगें ? इस्लामका मुख्य ध्यान महिलाओंको कैसे मारे, कैसे बच्चे पैदा करे, कैसे अनेकानेक विवाहकर बच्चे करें, इसपर ही रहता है, यदि थोडी भी ध्यान बौद्धिक विकासपर दिया होता तो आज यह विश्व शान्तिसे रह रहा होता !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : न्यूज १८



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