सरकारके आदेशपर राजस्थानके विद्यालयोंमें सुनाई जाएंगे सन्तोंके प्रवचन व ‘दादी -नानी’की कहानियां


जून १२, २०१८

राजस्थान सरकार बच्चोंको संस्कारी बनानेके लिए अब विद्यालयों में संतों के प्रवचन और उपदेश करानेकी तैयारी में है । शिक्षा विभागने अपने वार्षिक पंचांग (शिविरा पंचांग) इसे  
‘अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियों’में (एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज) सम्मिलित किया है । उपदेश माहके तीसरे शनिवारको विद्यालयमें ही कराए जाएंगे । इसके अतिरिक्त ‘दादी -नानी’भी विद्यालय आकर छात्रोंको महापुरुषोंकी शिक्षाप्रद कहानियां सुनाएंगी !


प्रथम शनिवार – किसी एक महापुरुषके जीवनपर आधारित प्रेरणादायक कहानी छात्रोंको सुनाई जाएगी !

द्वितीय शनिवार – शिक्षासे सम्बन्धित प्रेरणादायक कहानी सुनाई जाएंगी ! इसके अतिरिक्त संस्कार सभाके अन्तर्गत ‘दादी -नानी’की कहानियां सुनाई जाएंगी !

तृतीय शनिवार – देशकी समसामयिक घटनाओंकी समीक्षा और किसी सन्त -महात्माका उपदेश कार्यक्रम ।

चतुर्थ शनिवार – साहित्य, महाकाव्योंपर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम कराया जाएगा !

पञ्चम शनिवार – प्रेरक नाट्यका मञ्चन और छात्रोंद्वारा राष्ट्र भक्ति गीत गायन कार्यक्रमका आयोजन ।

२०१८ -१९ का शिविरा पंचांग

इस सत्रमें १ जुलाई २०१८ से ३० जून २०१९ तक २४१ दिन विद्यालय खुलेंगे, जबकि ५३रविवार और ७१ अवकाश रहेंगे ।
विद्यालयोंमें २९ अक्टूबर से ९ नवम्बरतक मध्यावधि अवकाश और २५ दिसम्बर से ७ जनवरी २०१९ तक शीतकालीन अवकाश रहेंगे । ग्रीष्मावकाश १० मईसे १८ जून, २०१९ तक होंगे ।
जिला स्तरपर प्राथमिक विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता २५ से २७ सितम्बरके मध्य होगी । एक मईसे २०१९ -२० का नया सत्र शुरू होगा ।

स्त्रोत : दैनिक भास्कर



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