भारतके लिए शिक्षा, सऊदी अरबमें आतंक प्रसारित करनेके आरोपी ३७ लोगोंके सिर काटे गए !


अप्रैल २४, २०१९

 

सऊदी अरबमें आतंकवाद प्रसारित करनेका आरोप लगनेके पश्चात ३७ लोगोंका सिर काट दिया गया !! बताया जा रहा है कि ये सभी सऊदी अरबके ही नागरिक थे । सऊदी अरबके आन्तरिक मन्त्रालयके अनुसार यह दण्ड रियाद, मक्का और मदीना, कासिम प्रांत और पूर्वी प्रान्तमें दिया गया । इस सम्बन्धमें आधिकारिक ‘सऊदी प्रेस विभाग’ने एक वक्तव्य भी जारी किया है ।

इससे कुछ ही दिवस पूर्व पंजाबके दो लोगोंको भी सिर काटकर मृत्युदण्ड दिया गया था । इनका अभिज्ञान होशियारपुरके सतविंदर कुमार और लुधियानाके हरजीत सिंहके रूपमें हुआ था । इन दोनोंका ही २८ फरवरीको सिर काट दिया गया था ।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरबमें प्रदर्शन करना या राजनीतिक दलोंका गठन प्रतिबन्धित है । यद्यपि मोहम्मद बिन सलमानने प्रिंस बननेके पश्चात कुछ सामाजिक परिवर्तन अवश्य किए थे । इसके पश्चात गत कुछ वर्षोंमें कई प्रदर्शनकारी, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ताओंको दण्ड मिल चुका है ।

 

“एक ओर सऊदी अरबमें आतंकवाद प्रसारित करनेके आरोपमें सिर काटनेका दण्ड दिया जाता है तो दूसरी ओर भारतमें राष्ट्रद्रोहियोंको दण्ड देनेके लिए जनताको सडकोंपर आना पडता है, उसके पश्चात भी नहीं दिया जाता है ! दण्डका विधान बनाया ही इस हेतु गया था ताकि अनुशासन बना रहे; परन्तु भारतमें स्थिति अत्यन्त विपरित है, तभी आज हमारी यह दुर्दशा हो गई है कि सभी राष्ट्रद्रोही आज हमारे मध्यमें ही रहने लगे हैं ! हमारे देशमें तो प्रायः नेता भी राष्ट्रद्रोही वक्तव्य देते हैं, साधारण नागरिक या आतंकियोंकी तो बात ही जाने दें ! और तो और कुतर्क तो तब होते हैं, जब कहा जाता है कि यह मानवताके विरुद्ध है, जबकि वो मानवताके तथाकथित रक्षक यह नहीं बताते हैं कि उनके बचाए गए उस दोषी मानवने आगे चलकर कितने और मनुष्योंको मार डाला है ! अब भारतको भी इस प्रकरणमें सऊदी अरबसे कुछ सीखनेकी और दण्ड विधान कठोरतासे लगानेकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : न्यूज १८



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