दिसम्बर ७, २०१८
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयमें (एएमयू) ‘अन्यायके विरुद्घ उठ खडे होने’ और ‘बाबरी मस्जिदका शीघ्र पुनर्निर्माण होगा इंशाअल्लाह’ लिखित विज्ञापन पट (पोस्टर) लगनेके पश्चात हडकम्प मच गया है । सूचनाके पश्चखत प्रोक्टोरियल दलद्वारा परिसरमें लगाए गए पट हटवाए जा रहे हैं ।
बृहस्पतिवार, ६ दिसम्बरको देशमें कुछ लोग शौर्य दिवस तो कुछ लोग काला दिवसके रूपमें स्मरण करते हैं । बृहस्पतिवारको एएमयूके मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर एवं आर्ट्स फैकल्टी सहित कई स्थानोंपर ‘अन्यायके विरुद्घ खडे होने’ और ‘बाबरी मस्जिदके पुनर्निर्माण’से सम्बन्धित विज्ञापन-पट लगाए गए थे । ये ‘स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आइडियोलॉजी’, एएमयूद्वारा लगाए गए हैं !
यद्यपि संगठनद्वारा विज्ञापन-पट लगानेकी अनुमति प्रोक्टरसे नहीं ली गई है । सूचना मिलनेके पश्चात एएमयूमें हडकम्प मच गया है । प्रोक्टोरियल दलके सदस्य विज्ञापन-पट हटवा रहे हैं । इस सम्बन्धमें एएमयूके पीआरओ कार्यालयके एमआईसी प्राध्यापक शाफे किदवईने बताया कि इसके लिए अनुमति नहीं ली गई है । इसमें छात्र सम्मिलित है अथवा नहीं ?, इसकी जानकारी नहीं है । ‘स्टूडेंट्स एसोसिएशन फॉर इस्लामिक आइडियोलॉजी’का नाम भी कभी नहीं सुना है ।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघके अध्यक्ष सलमान इम्तियाजने कहा कि परिसरमें लगाए गए पोस्टरसे छात्रसंघका कोई सम्बन्ध नहीं है । यद्यपि उन्होंने यह भी कहा कि परिसरमें जिसने भी पोस्टर लगवाएं हैं, उसने अपने मौलिक अधिकारका प्रयोग किया है !!
“राष्ट्रद्रोह एकबार हो तो भी क्षमा योग्य नहीं होता है तो बार-बार राष्ट्रद्रोह करनेपर भी प्रशासनका मौन लज्जाजनक है । जो विश्वविद्यालय छात्र नहीं आतंकी निर्माण करता हो त ओ उसे बन्द करना ही राष्ट्रहितमें है; अतः केन्द्र इसपर कडीसज कडी कार्यवाही करे !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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