संस्कार, संस्कृति एवं भाषा

उपासनाका गुरुकुल कैसा होगा ? (भाग -११)


उपासनाके गुरुकुलमें जैसे पूर्वकालमें सैनिक सिद्ध किए जाते थे, वैसे ही जिन विद्यार्थियोंका वर्ण क्षत्रिय (जाति नहीं) होगा, उन्हें उस वर्णकी शिक्षा अन्तर्गत युद्ध हेतु पारम्परिक एवं आधुनिक, दोनों ही प्रकारके …..

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प्रतिष्ठामें प्राण गंवाना !


मुझे यह नहीं समझमें आ रहा है कि जब भारत शासनको पता ही था कि विदेशमें सर्वत्र ‘कोरोना वायरस’ फैला हुआ है तो इन्होंने सवा अरबकी जनसंख्याके साथ इतना बडा खिलवाड क्यों किया …..

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२१ दिनकी बन्दीके समयका सदुपयोग कैसे करें ? (भाग-२)


ग्रन्थ ऐसा पढें जिससे आपकी साधनाको गति मिले, आपकी शंकाओंका समाधान हो एवं अध्यात्मके तथ्योंका ज्ञान हो । इस हेतु यदि आपके पास ग्रन्थ नहीं ……

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आपदाके घोर संकटकालमें भारतीयोंकी निकृष्ट मानसिकता !


वर्तमान कालमें भारतीयोंकी मानसिकता इतनी निकृष्ट हो चुकी है कि इस राष्ट्रीय आपदाके घोर संकटकालमें भी अनेक लोग अपनी स्वार्थसिद्धिमें लगे हुए हैं । कहीं पुलिस व्यापरियोंके भण्डार (दूकान) खोलनेपर उत्कोच (घूस) मांग रही है, तो कहीं लोग ‘मास्क’की ‘कालाबाजारी’ कर रहे हैं तो कहीं छद्म (नकली) किटाणुनाशक (sanitiser) बनाकर उसे बेचा जा रहा है […]

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२१ दिनकी ‘बन्दी’के समयका सदुपयोग कैसे करें ? (भाग-१)


वर्तमान समयमें अधिकतर लोगोंके पास अति व्यस्त दिनचर्या होनेके कारण वे अपने घरको समय नहीं दे पाते हैं । मैंने पाया है कि अधिकांश लोगोंके घर मात्र बाहरसे व्यवस्थित होते हैं, कपाटिका खोलते ही उसके अव्यवस्थित होनेका प्रमाण मिल जाता है …..

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उपासनाका गुरुकुल कैसा होगा ? (भाग -१०)


उपासनाके गुरुकुलमें सभी बच्चोंमें, बाल्यकालसे ही सेवाभावकी वृत्ति निर्माण करने हेतु, गुरुकुलकी भिन्न सेवाओंमें सहभागी किया जाएगा । आजकी पीढी स्वार्थीऔर अहंकारी होनेके साथ ही बहुत ही आलसी है …..

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उपासनाका गुरुकुल कैसा होगा ? (भाग – ९)


इच्छा तो मेरी यह भी है कि छोटे स्तरपर ही सही किन्तु उपासनाका गुरुकुल हमारे आश्रम परिसरमें भी आरम्भ हो; क्योंकि आज जो स्थिति है वह अगले तीन-चार वर्ष  भिन्न-भिन्न कारणोंसे बनी रहेगी ही …..

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उपासनाका गुरुकुल कैसा होगा ? (भाग – ७)


गुरुकुलका अर्थ ही है, जहां गुरु शिष्य परम्पराका पोषण हो । गुरुकृपायोग साधनाद्वारा ही गुरु शिष्य परम्पराका पोषण सम्भव है अर्थात गुरु शिष्यको योग्य साधना बताकर उसे योग्य दिशा देते हैं और शिष्य गुरुकी कृपा पाने……

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उपासनाका गुरुकुल कैसा होगा ? (भाग-६)


जैसे उपासनाके गुरुकुलमें संस्कृत भाषा सीखना अनिवार्य होगा, वैसे ही दोष निर्मूलन एवं अहं निर्मूलनका पाठ्यक्रम भी अनिवार्य होगा ! कलियुगमें दोष और अहम् अधिक होनेके कारण …..

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उपासनाका गुरुकुल कैसा होगा ? (भाग-५)


उपासनाके गुरुकुलमें बाल्यकालसे ही विद्यार्थियोंको साधना सिखाई जाएगी फलस्वरूप उनके बहुमुखी व्यक्तित्वका विकास होगा ! साधनामें दो भाग होंगे, एक व्यष्टि साधना और दूसरा समष्टि साधना ! पिछले दो सहस्र वर्षोंसे आसुरी पंथोंके प्रसार एवं कुकृत्योंसे…..

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