संस्कार, संस्कृति एवं भाषा

कथावाचकोंने त्वरित ही अपनी चूकोंको स्वीकार कर कठोर प्रायश्चित लेना चाहिए !


अब तक लोग भ्रष्ट नेताओंपर या धर्मद्रोही कलाकारोंपर मसि (स्याही), पादत्राण (जूते-चप्पल), टमाटर और अण्डे फेंकते थे अब लोगोंने कथावाचकोंकी भी धुनाई आरम्भ कर दी है । वस्तुत: व्यासपीठको कलंकित करनेवाले कथावाचकोंने त्वरित ही अपनी चूकोंको स्वीकार कर कठोर प्रायश्चित लेना चाहिए एवं सर्वप्रथम कथा बांचना बन्द कर देना चाहिए; क्योंकि व्यासपीठसे इस्लामका प्रचार-प्रसारकर, उन्होंने […]

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वैदिक उपासना पीठके वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-६) / उपासनाका वानप्रस्थ प्रकल्प वृद्धाश्रमसे भिन्न कैसे होगा ? (भाग-१)


उपासनाका वानप्रस्थ प्रकल्प वृद्धाश्रम नहीं होगा; क्योंकि यहां लोग विवश होकर नहीं आएंगे; अपितु वे लोग यहां स्वेच्छासे आएंगे जिन्हें  लगेगा कि अब हमें अपने सांसारिक  उत्तरदायित्वमें न  …..

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वैदिक उपासना पीठके वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-७) / उपासनाका वानप्रस्थ प्रकल्प वृद्धाश्रमसे भिन्न कैसे होगा ? (भाग-२)


   सामान्यत: वृद्धाश्रममें कोई दिनचर्याका विशेष पालन नहीं किया जाता है, वहीं वानप्रस्थ प्रकल्पमें सदस्योंकी शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक क्षमता अनुसार उनकी दिनचर्याका ……

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वैदिक उपासना पीठके वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-५)


आजकल लोगोंमें वाचनकी (पढनेकी) वृत्ति बहुत ही घट चुकी है, इस बातको कोई भी अस्वीकार नहीं कर सकता है ! अब मात्र लोग धन अर्जित करने हेतु पढते हैं । एक बार चाकरी मिल गई या व्यापार चल गया तो उसके पश्चात पुस्तकको हाथ नहीं लगाते …..

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वैदिक उपासना पीठका वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-४)


वर्तमान कालमें अनेक लोग धन अधिक अर्जित करनेके उद्देश्यसे अपनी उपजीविकाका चुनाव करते हैं । ऐसा हो सकता है कि वे कभी-कभी अपने माता-पिताके दबावमें आकर अपने मनके विरुद्ध उपजीविकाका चुनाव करने हेतु बाध्य होते हैं  ……

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वैदिक उपासना पीठके वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-३)


इस उपक्रममें रहनेके अधिकारी कौन होंगे ?
 इस उपक्रममें सहभागी होने हेतु इच्छुक व्यक्तिकी आयु ४० वर्षसे अधिक होनी चाहिए । यह प्रकल्प दम्पति, विधवा, विधुर या अविवाहितोंके लिए विशेष रूपसे है ……

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वैदिक उपासना पीठके वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग- २)


वर्तमान कालमें ६० वर्षकी आयु आते-आते अनेक लोग भिन्न प्रकारके रोगोंसे ग्रस्त हो जाते हैं । ऊपरसे घरका वास्तु भी अशुद्ध रहता है; इसलिए वर्तमानकालमें वृद्धावस्थासे पूर्वकी जो अवस्था है, जिसमें व्यक्तिको स्वस्थ होना चाहिए, उसमें वे अस्वस्थ …..

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वैदिक उपासना पीठका वानप्रस्थ प्रकल्पकी विशेषताएं (भाग-१)


उपासनाद्वारा शीघ्र आरम्भ होनेवाले वानप्रस्थ प्रकल्पमें सहभागी होकर अपने जीवनके उत्तरार्धको सार्थक करें ! इस प्रकल्पमें आपको क्यों सहभागी होना चाहिए ?, इसके विषयमें आपको ज्ञात हो एवं अन्य आश्रम भी ऐसे प्रकल्प आरम्भ करें, इस उद्देश्यसे यह …

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वियतनाममें नवीं शताब्दीका शिवलिंग मिला !


समाचार सूत्रोंके अनुसार वियतनाममें नवीं शताब्दीका शिवलिंग मिला है । भारत ही नहीं विश्वके एक बडे भूभागमें हिन्दू संस्कृति और सभ्यता विद्यमान थी; किन्तु मात्र हिन्दुओंकी अकर्मण्यताके कारण हिन्दुओंका यह साम्राज्य अब भारतमें संकुचित होता जा रहा है । हिन्दुओ, अब तो जागो अन्यथा आनेवाली पीढी हमें कभी क्षमा नहीं करेगी !

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“मुझे स्पेस चाहिए !” इसका अर्थ मेरे अहंकारको मत छेडो !


आजकल अंग्रेजीका एक शब्द आधुनिक बने हिन्दुओंमें भी प्रचलित हो गया है और वह है “मुझे स्पेस चाहिए !” वस्तुत: इसका अर्थ है मेरे अहंकारको मत छेडो ! मैं जैसा हूं/जैसी हूं, वैसा ही रहने दो ! अब तो यह पति-पत्नी, भाई-बहनमें भी प्रचलित हो गया है । महानगरोंमें ‘स्पेस’का यह महारोग, महामारीके रूपमें फैल […]

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