आयुर्वेद

सरसों (भाग-१)


सरसोंका नाम लेते ही मनमें सर्वप्रथम सरसोंका साग आता है । सरसोंका उपयोग अधिकतर तेल निकालनेके लिए ही किया जाता है । इसके अतिरिक्त, भारतीय पाकशालामें (रसोईमें) सरसोंके दानेसे छोंक (तडका) भी लगाया जाता है । स्वास्थ्यके लिए भी इसके कई लाभ हैं । स्वास्थ्य लाभके लिए ही हम सरसोंके बीजोंका उपयोग करते हैं । […]

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केला (भाग – १३)


* पके हुए केलेको काटकर, शक्करके साथ मिलाकर बर्तनमें बन्द करके रख दें । इसके पश्चात इस बर्तनको उष्ण जलमें डालकर ‘गर्म’ करें । इस प्रकार बनाए गए पदार्थके पेयसे (शर्बतसे), खांसीकी समस्या न्यून हो जाती है । * जिह्वापर छाले हो जानेकी स्थि‍तिमें गायके दूधसे बने दहीके साथ केलेका सेवन करना लाभदायक होता है […]

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केला (भाग – १२)


* केले खानेसे ‘कोलोरेक्टल कैंसर’का सङ्कट न्यून होता है । * केलेमें ‘फाइबर’ अधिक मात्रामें पाया जाता है । * केलेके भीतर ‘एंटीऑक्सीडेंट कैरोटिनाइड’ आदि भरे होते हैं, जो आंखोंको स्वस्थ रखनेमें सहायता करते हैं । केलेमें ‘पेक्टिन’ पाया जाता है जिसके कारण मधुमेहके रोगियोंमें ‘ग्लूकोज’के कष्टमें सहायता करता है । केलेका प्रयोग ‘एनीमिया’की चिकित्सामें […]

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केला (भाग – ११)


* पांवोंके लिए : पांवोंके लिए भी केला खानेके लाभ देखे जा सकते हैं । पांवोंकी देखभालके लिए यहां केलेका छिलका महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है । पांवोंके लिए इसका प्रयोग ‘अस्ट्रिन्जन्ट’की भांति किया जाता है । प्रयोग : केलेका छिलका लें और उसे पांवों व एडियोंपर धीरे-धीरे रगडें । यह प्रक्रिया पांचसे दस मिनटतक […]

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केला (भाग – १०)


* त्वचाकी मृत कोशिकाओंके लिए : मृत कोशिकाओंको त्वचासे हटानेके लिए भी केलेका प्रयोग किया जा सकता है । यह ‘एंटीऑक्सीडेंट’से समृद्ध होता है, जो त्वचासे मृत कोशिकाओंको हटानेका कार्य करता है । * ‘मुंहासों’के लिए : यदि ‘मुंहासों’से कष्ट हो, तो केलेके छिलकेका प्रयोग, बढते मुंहासोंको रोकनेके लिए किया जा सकता है । केलेका […]

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केला (भाग – ९)


* बढती आयुके लिए : बढती आयुमें झुर्रियोंसे मुक्ति पानेके लिए केला सहायता कर सकता है । केलेमें ‘रिबोफ्लेविन’, ‘नियासिन’, ‘थियामिन’ और ‘फॉलिक एसिड’के रूपमें ‘विटामिन-A’ और ‘विटामिन-C’ प्रचुर मात्रामें होता है । ‘विटामिन-A’को बढती आयुके लिए अच्छा जाना जाता है । यह त्वचामें ‘कोलेजन’को बढाता है और झुर्रियों जैसी समस्यासे बचानेका कार्य कर सकता […]

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केला (भाग – ८)


* पेटके ‘अल्सर’के लिए : पेटका ‘अल्सर’ एक गम्भीर समस्या है । इसमें पेट, ‘एसोफैगस’ या छोटी आंतमें पीडा होती है । यदि इसका उपचार नहीं किया जाए, तो इसके परिणाम घातक भी हो सकते हैं । ‘अल्सर’के लिए केला भी बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है । केला ‘फाइबर’युक्त होता है और ‘फाइबर’ ‘एंटीबायोटिक’ […]

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केला (भाग-७)


* मनोदशाके लिए : मनोदशामें परिवर्तन एवं सुधार लानेके लिए भी कदलीफलम् सम्मिलित है । यह एक गुणकारी फल है, जो ‘विटामिन-B6’ और ‘C’ जैसे पोषक तत्त्वोंसे समृद्ध होता है । केला ‘कार्बोहाइड्रेट’का अच्छा स्रोत है, जो मनकी स्थितिको परिवर्तित करनेमें सहायक होता है । विज्ञानके अनुसार ‘विटामिन-B6’ महिलाओंमें चिन्ताको न्यून कर सकता है, जिससे […]

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केला (भाग-६)


* मासिक धर्मके लिए : मासिक धर्मके मध्य पीडासे विश्राम पानेके लिए भी केले खानेके लाभ देखे गए हैं । एक शोधके अनुसार, शरीरमें ‘पोटैशियम’की न्यूनतासे शरीरमें ऐंठनकी समस्या हो सकती है । केलेमें ‘पोटैशियम’ होता है, जो मासिक धर्मके समय पेटकी ऐंठनसे बचानेके कार्यमें सहायता करता है । केला ‘विटामिन-B6’से भी समृद्ध होता है, […]

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केला (भाग-५)


* तनावसे मुक्त होनेके लिए : तनावसे मुक्ति पानेके लिए भी केलेका सेवन उपयोगी कहा जा सकता है । इसमें ‘पोटैशियम’ होता है, जो रक्तचापको नियन्त्रितकर, तनावसे मुक्ति दिला सकता है । इसमें ‘विटामिन-B’ भी होता है और ‘विटामिन-B’ व्यवसायिक तनावको घटाने और कार्य क्षमताको बढानेमें एक विशेष भूमिका निभाता है । * बढाता है […]

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