आयुर्वेद

स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-६)


पाचन शक्ति ठीक रखनी हो तो भोजन योग्य समयपर करें और प्रत्येक कौरको ३२ बार चबाएं ! जब आप चबा-चबाकर खाते हैं तो आपका पाचन तन्त्र, पाचनके लिए स्वयंको सिद्ध करता है । आप जितना चबा-चबाकर खाते हैं, पाचनतन्त्र उतनी ही उत्तम रीतिसे कार्य करता है । अच्छेसे चबाते हुए भोजन करनेसे, भोजन कई भागोंमें […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-५)


वर्तमान कालमें चाय या कॉफीका सेवन सामान्य बात है; किन्तु आपको बता दें ये दोनों ही तीन चार शताब्दियोंसे भारतमें प्रचलित हुए हैं एवं विदेशी होनेके कारण यह भारत जैसे देशके लिए अनुकूल पेय नहीं है; इसलिए यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो चाय-कॉफीका कमसे कम सेवन करें ! चाय-कॉफीका सेवन क्यों नहीं करना […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-४)


नित्य क्रिया आवश्यक है • आयुर्वेदके अनुसार सवेरे उठते ही सबसे पहले मल-मूत्र त्याग करना चाहिए । प्रातः पेट स्वच्छ होनेसे हमें स्वस्थ रहनेमें अत्यधिक सहयोग मिलता है । इससे शरीरमें हलकापन और स्फूर्ति रहती है और दिनभरके कार्योंके लिए ऊर्जा बनी रहती है । आयुर्वेदके अनुसार सवेरे उठते ही २ से ३ गिलास पानी […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-३)


प्रतिदिन कमसे कम २० मिनिट योग, व्यायाम या प्रातः या सन्ध्या समय ‘सैर’ करनेका नियम अवश्य बनाएं ! इससे रक्तका संचार सुचारू रूपसे होकर आपको भरपूर ऊर्जा मिलेगी । और एक महत्त्वपूर्ण बात ध्यान रखें कि वर्तमान समयमें हम अनेक प्रकारके आधुनिक उपकरण जैसे पंखा, वातानुकूलित यन्त्र (एयर कंडीशनर), शीत कपाटिका (फ्रिज), वस्त्र धुलाई यन्त्र […]

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स्वस्थ रहने हेतु कुछ महत्त्वपूर्ण सूत्र (भाग-२)


प्रातः आहार अवश्य लें – प्रातः अधि‍क समयतक खाली पेट रहना स्वास्थ्यके लिए हानिकारक होता है और मोटापेके अतिरिक्त पेटके अन्य रोगोंके लिए भी उत्तरदायी होता है । जबकि प्रातःकालीन आहार आपको सम्पूर्ण दिवस स्वस्थ और ऊर्जावान रखता है । ऐसेमें किसी कारणसे दोपहरका भोजन नहीं करनेपर भी शरीरमें आवश्यक ऊर्जा बनी रहती है । […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-१०)


थकान दूर करे चनेका सेवन : दैनिक कार्योंके मध्य थकान अनुभव होती है तो काले चनेका सेवन इसके लिए लाभदायक हो सकता है; क्योंकि आयुर्वेदके अनुसार इसमें बल्यका गुण पाया जाता है, जिसके कारण चना शरीरको तुरन्त ऊर्जा प्रदानकर निष्क्रियता और थकानको दूर करनेमें सहायता करता है । ‘एनिमिया’से सुरक्षाके लिए काले चने : काले […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-९)


भुने हुए चनेके लाभ : चनोंको पानीमें भिगोकर, रातभर रखकर छोड दें ! प्रातःकाल उस पानीको छानकर आधा कटोरीभर पी लेनेसे शारीरिक बल बढता है । भुने हुए चने तथा छीली हुई बादामकी गिरी, दोनोंको एक जैसी मात्रामें मिलाकर खानेसे शारीरिक बलकी वृद्धि होती है तथा वीर्य पुष्ट होता है; क्योंकि आयुर्वेदके अनुसार चनेमें बल्यका […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-८)


‘अर्थराइटिस’में चनेका लाभ : ‘अर्थराइटिस’की समस्या आयु देखकर नहीं आती है । दिनभर वातानुकूलित वातावरणमें रहनेके कारण या बैठकर अधिक कार्य करनेके कारण, व्यक्ति किसी भी आयुमें इस रोगसे ग्रस्त होने लगता है । चनेके पत्तोंको उबालकर, पीसकर कोहनियोंमें लगानेसे पीडा न्यून होती है । गठियाकी पीडाके लिए : प्रायः आयु बढनेके साथ घुटनोंमें पीडा […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-७)


बाल झडनेकी समस्याके लिए : देखा गया है कि ‘प्रोटीन’के अभावमें बाल पतले होकर झडने लगते हैं । चनेको ‘जिंक’, ‘प्रोटीन’ और ‘आयरन’से समृद्ध माना गया है, इसलिए यह बाल झडनेकी समस्यासे भी मुक्ति दिला सकता हैं । चनेमें ‘विटामिन-ए’, ‘बी’, और ‘ई’ नामक विटामिन भी प्रचुरतासे होते हैं, जो ‘स्कैल्प’ और बालोंको स्वस्थ रखनेका […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-६)


पीडा व सूजनसे छुटकारा : पीडा व सूजनके लिए भी चना लाभदायक हो सकता है । एक अध्ययनके अनुसार, ‘हाइपोकैलोरिक डाइट’के (कम ‘कैलोरी’ युक्त आहारके) साथ चना पीडा व सूजनको न्यून कर सकता है । इसके अतिरिक्त, चनेमें पाया जानेवाला ‘फाइबर’ और ‘विटामिन-ए’, ‘सी’, व ‘बी6’ जैसे पोषक तत्त्व सूजनसे छुटकारा दिलानेका कार्य कर सकते […]

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