आयुर्वेद

हमारा रसोईघर एक आयुर्वेदिक तत्त्वज्ञानसे भरपूर शोधशाला है (भाग – ३)


हमारे रसोईघरमें मौसमके अनुसार मात्र भोजन ही नहीं पेय पदार्थ भी परिवर्तित हो जाते हैं जैसे अब ग्रीष्म ऋतु आरम्भ होनेवाली है तो हमारे यहां भिन्न प्रकारके पारंपरिक पेय घरमें  बनाए जाते हैं ……

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घरका वैद्य – नींबू – भाग १


नींबू ‘विटामिन-सी’का प्रमुख स्रोत है । इसकी सबसे बडी विशेषता यह है कि यह अम्लीय होनेपर भी पित्तनाशक है । इसकी एक विलक्षण विशेषता यह है कि अन्य फल जहां पकनेपर मीठे हो जाते हैं, वहां …..

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हमारा रसोईघर एक आयुर्वेदिक तत्त्वज्ञानसे भरपूर शोधशाला है (भाग – २)


प्राचीनकालसे ही हमारे रसोईघरमें लोहेकी कढाईका उपयोग किया जाता रहा है | वर्तमान कालमें प्रचलित नॉन स्टिककी कढाईमें बनाए गए भोज्य पदार्थ जहां विषाक्त होकर अनेक रोगोंको जन्म देती हैं, वहीं लोहेके पात्रमें बनी तरकारी(सब्जी) पोषक तत्त्वसे…..

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हमारा रसोईघर एक आयुर्वेदिक तत्त्वज्ञानसे भरपूर शोधशाला है (भाग – १)


आजकल अधिकांश स्त्रियां मात्र पेट भरने हेतु भोजन बनाती हैं ! वस्तुत: पाक कला यह अन्य कलाओं समान एक प्रगत कला है जिसका धर्मग्लानि होनेके कारण ह्रास हो गया है ! आजकलके स्त्रियोंको भोजन पकाते देखकर मुझे ऐसा लगता है……

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अपराजिताके औषधीय गुण


अपारिजिता एक आयुर्वेदिक और सुलभ बारहमासी बेल है जो उष्‍णकटिबंधीय क्षेत्रोंमें होती है । यह एक औषधीय गुणोंवाली जडी बूटी है जो सामान्य घरेलू पौधोंकी भांति घरोंमें उगाई जाती है । अपारिजिता पौधेको बहुत ही कम देखभालकी आवश्‍यकता होती है । अपारिजिताके संपूर्ण पौधेके संपूर्ण भाग औषधीय उपयोगके लिए हैं । विशेष रूपसे इस पौधेकी […]

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आयुर्वेदका महत्त्व आयुर्वेदके विद्यार्थियोंको महाविद्यालयमें पढाने की आवश्यकता !


आजकल जब एलोपेथी चिकित्साके महाविद्यालयमें कुछ विद्यार्थियोंको स्नातकमें प्रवेश नहीं मिलता है तो वे आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतिसे स्नातककी उपाधि ले लेते हैं जिसमें प्रतिस्पर्धा एलोपेथीकी तुलनामें अल्प प्रमाणमें होता है एवं आयुर्वेदसे स्नातक लेनेके पश्चात वे एलोपेथी चिकित्सासे रोगियोंका उपचार करते हैं ! ऐसे सभी वैद्योंको वस्तुत: आयुर्वेदका महत्त्व ही ठीकसे नहीं पढाया जाता है; […]

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आयुर्वेद, स्वदेशी चिकित्सा पद्धति या वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतिको विद्यालयोंमें सिखानेकी आवश्यकता !


पाठयक्रमोंमें योगासन, पप्राणायाम, भोजन कैसे करें, जल कितना और कब पीएं, घरमें उपलब्द्ध सामग्रियोंका रोग-निवारण हेतु कैसे उपयोग कर सकते हैं, जैसे सामान्य एवं सरल बातोंको….

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विरुद्ध आहार (भाग -२)


दूधके साथ दही , मूली , मूलीके पत्ते , खट्टे पदार्थ,  नमक , कच्चे सलाद , इमली, खरबूजा, बेलफल,…….. खट्टे फल का सेवन स्वास्थ्यके लिए हानिकारक होता है…..

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विरुद्ध आहार लेना स्वास्थ्यके लिए हानिकारक हो सकता है, इसे लेना टालें ! (भाग – १)


आजकल अनेक लोग जब भिन्न प्रकारके व्यंजन बनाते हैं तो उसे बनाते समय कुछ बडी चूकें करते हैं जैसे मैंने देखा है कि कुछ लोग तरकारी या पनीरके भिन्न प्रकारके व्यंजन बनाते समय उसमें दूध डालते हैं, दूध और नमक यह आयुर्वेद अनुसार विरुद्ध …..

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मांसाहार क्यों न करें ? (भाग – १४)


विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) मांस उत्पादोंको ‘एस्बेस्टस’ और ‘सिगरेट’की भांति कैंसरजनक (कारसेनोजिनिक) तत्वोंमें वर्गीकृत करता है । आपको बता दें, विदेशोंमें…..

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