अध्यात्म एवं साधना

ईश्वरसे सतत अनुसन्धान बनाकर रखनेके लाभ!


गुरुपूर्णिमासे एक दिवस पूर्व मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं था, मैं चाहकर भी उठ नहीं पा रही थी, प्रातः तीन बजे उठकर मैंने एक घंट जप करनेके पश्चात स्वास्थ्य ठीक न होनेपर भी दो घंटेसे सेवा की थी; किन्तु……….

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स्त्रियोंको धर्म सिखाना क्यों आवश्यक है ? (भाग-३)


साधना करना प्रत्येक जीवका मौलिक एवं जन्मसिद्ध अधिकार है और यदि कोई उसे करना चाहता हो तो उसके मार्गमें स्वार्थवश, मोहवश या अहंकारवश, भूलसे भी अडचनें निर्माण नहीं करना चाहिए…..

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स्त्रियोंको बाल्यकालसे ही साधना क्यों सिखाना चाहिए (भाग-२)


आज अधिकांश पुत्रियोंको धर्म एवं साधनाका संस्कार घरमें नहीं दिया जाता है । इसके परिणामस्वरूप उनमें जो विनम्रता धर्म और साधनासे आती है, वह रहती नहीं है……

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स्त्रियोंका साधक होना आवश्यक क्यों ?


यदि माता-पिता दोनोंमें साधनाके संस्कार हों तो बच्चे बाल्यकालसे आध्यत्मिक प्रगति करने लगते हैं । यह बालक यदि इसीप्रकार मात्र व्यष्टि साधना भी करता रहा तो मात्र १६ वर्षके होते होते जीवनमुक्त…..

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ईश्वरीय चिन्तनसे चिन्ताका मूल कारण स्वतः ही नष्ट हो जाएगा !


प्रतिदिन थोडा समय सांसारिक चिन्ताओंको छोड ईश्वरीय चिन्तनको दें; इससे चिन्ताका मूल कारण स्वतः ही नष्ट हो जाएगा !

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-८)


मजपको परिणामकारक बनाने हेतु हम कुछ प्रार्थनाओंके विषयमें जानकारी प्राप्त कर रहे थे इसी क्रममें साधक नामजप करनेसे पूर्व निम्नलिखित प्रार्थना भी कर सकते हैं ….

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-७)


आरम्भिक अवस्थाके साधक नामजप करनेसे पूर्व आर्ततासे प्रार्थना करनेके संस्कार डालनेका प्रयास करें | एक प्रार्थना जो आप नित्य कर सकते हैं वह निम्नलिखित है –  हे प्रभु, आप ही हमसे आपका नाम जप करवा कर ले लें….

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-६)


नामजपकी परिणामकारकताको बढाने हेतु आरम्भिक अवस्थाके साधकोंने प्रथम भाव जागृति एवं उसके पश्चात भाव वृद्धि हेतु प्रार्थना करनी चाहिए ! भाव वृद्धि होनेसे जैस-जैसे शरणागति…..

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-५)


नामजप करते समय सात्त्विक उदबत्ती (सनातन संस्थाकी उदबत्तीका उपयोग कर सकते हैं) लगानेसे एवं सात्त्विक वस्त्र धारण कर बैठनेसे भी लाभ होता है | वस्तुत: कर्मकाण्डकी साधना हेतु एक पृथक वस्त्र होता है, उसीप्रकार…..

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-४)


कुछ साधक कहते हैं कि नामजप करते समय मन एकाग्र नहीं होता है | मनके न एकाग्र होनेके दो मुख्य कारण होते हैं एक तो मनमें अनेक संस्कारोंका होना और दूसरा वास्तुका अशुद्ध होना !…..

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