अध्यात्म एवं साधना

स्त्रियोंको बाल्यकालसे ही साधना क्यों सिखाना चाहिए (भाग-२)


आज अधिकांश पुत्रियोंको धर्म एवं साधनाका संस्कार घरमें नहीं दिया जाता है । इसके परिणामस्वरूप उनमें जो विनम्रता धर्म और साधनासे आती है, वह रहती नहीं है……

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स्त्रियोंका साधक होना आवश्यक क्यों ?


यदि माता-पिता दोनोंमें साधनाके संस्कार हों तो बच्चे बाल्यकालसे आध्यत्मिक प्रगति करने लगते हैं । यह बालक यदि इसीप्रकार मात्र व्यष्टि साधना भी करता रहा तो मात्र १६ वर्षके होते होते जीवनमुक्त…..

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ईश्वरीय चिन्तनसे चिन्ताका मूल कारण स्वतः ही नष्ट हो जाएगा !


प्रतिदिन थोडा समय सांसारिक चिन्ताओंको छोड ईश्वरीय चिन्तनको दें; इससे चिन्ताका मूल कारण स्वतः ही नष्ट हो जाएगा !

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-८)


मजपको परिणामकारक बनाने हेतु हम कुछ प्रार्थनाओंके विषयमें जानकारी प्राप्त कर रहे थे इसी क्रममें साधक नामजप करनेसे पूर्व निम्नलिखित प्रार्थना भी कर सकते हैं ….

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-७)


आरम्भिक अवस्थाके साधक नामजप करनेसे पूर्व आर्ततासे प्रार्थना करनेके संस्कार डालनेका प्रयास करें | एक प्रार्थना जो आप नित्य कर सकते हैं वह निम्नलिखित है –  हे प्रभु, आप ही हमसे आपका नाम जप करवा कर ले लें….

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-६)


नामजपकी परिणामकारकताको बढाने हेतु आरम्भिक अवस्थाके साधकोंने प्रथम भाव जागृति एवं उसके पश्चात भाव वृद्धि हेतु प्रार्थना करनी चाहिए ! भाव वृद्धि होनेसे जैस-जैसे शरणागति…..

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-५)


नामजप करते समय सात्त्विक उदबत्ती (सनातन संस्थाकी उदबत्तीका उपयोग कर सकते हैं) लगानेसे एवं सात्त्विक वस्त्र धारण कर बैठनेसे भी लाभ होता है | वस्तुत: कर्मकाण्डकी साधना हेतु एक पृथक वस्त्र होता है, उसीप्रकार…..

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-४)


कुछ साधक कहते हैं कि नामजप करते समय मन एकाग्र नहीं होता है | मनके न एकाग्र होनेके दो मुख्य कारण होते हैं एक तो मनमें अनेक संस्कारोंका होना और दूसरा वास्तुका अशुद्ध होना !…..

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग-३)


प्रारम्भिक अवस्थाके साधकोंने नामजप करते समय माला लेकर गिनती करते हुए नामजप करना चाहिए ! इससे नामजप वृद्धिमें सहायता मिलती है | उत्तरोत्तर अवस्थामें नामजपको सांसके साथ जोडते हुए…..

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नामजपकी परिणामकारकताको कैसे बढायें ? (भाग -२)


प्रारम्भिक अवस्थाके साधक यदि नामजप ब्राह्म मुहूर्तके कालमें (सूर्योदयसे ७२ मिनिट पूर्व) करें तो उसे नामजपका अधिक लाभ मिलता है; क्योंकि इस कालमें वातावरणमें अधिक चैतन्य……

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