जून १३, २०१९
मध्य प्रदेशके राजगढसे विचीत्र प्रकरण सामने आया है । यहां एक बच्चीके साथ दलित युवकने दुष्कर्म किया था । अब इस प्रकरणमें पंचायतने तुगलकी आदेश सुनाया है । पंचायतका कहना है कि दुष्कर्म करनेवाला आरोपी दलित जातिका था; इसलिए बच्चीका परिवार अछूत हो गया है । बच्चीके शुद्धीकरणके लिए पीडित परिवारको भंडारा करानेका आदेश सुनाया गया है । यह प्रकरण नरसिंहगढ क्षेत्रका है । पंचोंका आदेश पूरा न कर पानेवाले परिवारका आरोप है कि उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया ।
डूंगरपुरा गांवमें इसी वर्ष मार्चमें १७ वर्षकी बच्चीके साथ गांवके युवक सियारामने दुष्कर्म किया था । इसकी पीडित परिवारने प्राथमिकी प्रविष्ट कराई थी । पुलिसने आरोपीको बन्दी बनाकर कारावास भेज दिया था । पीडित परिवार अभी इससे उभर नहीं पाया था कि पंचायतने उनके विरुद्ध ऐसा आदेश दिया ।
बच्चीके पिता भंडारा करानेका विचार करने लगे; परन्तु निर्धनताके कारण वे भंडारा नहीं करा सके तो उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया । अब उन्हें किसी भी कार्यक्रममें न तो बुलाया जा रहा है, न ही उनके यहां कोई आ रहा है !
वहीं पुलिसका कहना है कि उनके संज्ञानमें प्रकरण आया है; परन्तु उनके पास पीडित परिवारकी ओरसे कोई लिखित परिवाद नहीं आई है । परिवाद (शिकायत) आनेके पश्चात वे कार्यवाही करेंगें ।
“जिस युवतीको हिन्दू समाजने आश्रय देना चाहिए, वह बच्ची और उसके परिवारके साथ ऐसा कर रहा है, यह घृणित और लज्जाजधक तथ्य है । इससे बोध होता है कि हिन्दुओंमें अब जातिवाद एक कोढका रूप ले चुका है और इसने लोगोंकी बुद्धिको भी नष्ट कर दिया है । ” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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