भोपालमें नमाजके लिए हिन्दू दुकानदारोंने खोले द्वार, हिन्दुओंके लिए भोजशालाके कब खुलेंगें ?



जून १, २०१९

मध्य प्रदेशकी राजधानी भोपालमें रमजानके समय शुक्रवार, ३१ मईको बडी संख्यामें हिन्दू व्यापारियोंने अपनी दुकानके आगे मुस्लिम समुदायके लोगोंको अलविदाकी नमाज पढनेके लिए स्थान दिया । व्यापारियोंके इस पगसे यहां जामा मस्जिदके पास स्थित चौक बाजार क्षेत्रमें मुसलमानोंको सुविधा मिली ।

शुक्रवारको दोपहर एक बजे अधिक संख्यामें मुस्लिम समुदायके लोग जामा मस्जिदपर नमाज पढनेके लिए एकत्र हुए । मस्जिदके भीतर स्थान नहीं शेष था और कई लोग मस्जिदके बाहर प्रतीक्षा कर रहे थे । ऐसेमें हिन्दू व्यापारियोंने प्राथमिकता करते हुए अपनी दुकानके आगे उन्हें नमाज पढनेके लिए स्थान दिया । इस मध्य ग्राहकोंको नमाज पूर्ण न होनेतक क्रय-विक्रयके लिए न आनेको कहा गया ।

वस्त्र व्यापारी विकास अग्रवाल कहते हैं कि यह एक पवित्र माह है और हमने मुस्लिम भाइयोंको प्रार्थनाके लिए अपनी दुकानें और उनके आगेका स्थान दिया । जूलर आलोक मित्तल कहते हैं कि रमजानमें रोजे रखनेवाले मुसलमानोंके लिए कमसे कम हम इतना तो कर ही सकते हैं ।

“हिन्दू तो सदैव ही सहिष्णु ही रहा है और इसी अति सहिष्णुताके कारण ही आज मध्यप्रदेशमें माता सरस्वतीका पावन मन्दिर भोजशाला एक मस्जिद बनकर रह गया है । आजके अति धर्मनिरपेक्ष हिन्दू अब भी नेत्र बन्द करके भाईचारेका राग अलाप रहे हैं । आजका हिन्दू धर्महीन है तो उसका मूल उद्देश्य केवल धन एकत्र करना है । तभी उसे रमजानका माह पवित्र दिखता है और श्रावणका माहकी ओर तो उसका ध्यान ही नहीं है । यदि हिन्दू थोडासा भी धर्मका अभ्यास करते तो उन्हें समझमें आता कि वे अपनी दुकानोंमें नमाजके लिए सामान दे सकते हैं; परन्तु हिन्दू यह न समझे कि कलको उनके साथ भी यही होगा । कमसे अम आज देशके प्रत्येक कोनेसे समाचार आ रहे हैं, वे तो यही कहते हैं !”-  सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : सुदर्शन न्यूज



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