इकोनॉमिक टाइम्सकी महिला पत्रकारका हिन्दूद्रोह, कहा कि हिन्दू रीति-रिवाजों व साधु-संतोंका अपमान करना ‘अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता’ !!


जून ११, २०१९

‘द इकनोमिक टाइम्स’की पत्रकारने हिन्दू रीति-रिवाजोंका अपमान करनेकी बात कही है । पत्रकारने कहा कि हिन्दू रीति-रिवाजोंका अपमान करना ‘अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता’के अन्तर्गत आता है । पत्रकार वसुधा वेणुगोपालने ट्विटरपर उत्तरप्रदेश पुलिसद्वारा बन्दी बनाए गए पत्रकार प्रशांत कनौजियाका समर्थन करते हुए लिखा कि हिन्दू रीति-रिवाजों व साधु-सन्तोंका अपमान करना ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’ है और पेरियारकी भूमिपर यह सब मान्य है । एक पग और आगे बढते ही उन्होंने दावा किया कि ‘अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता’के अंतर्गत सभी धर्मोंका अपमान किया जा सकता है !!

वसुधाने लिखा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि लोग प्रशांत कनौजियाके उन ट्वीट्सको लेकर क्यों उनको बन्दी बनानेको उचित बता रहे हैं ?, जिसमें उन्होंने हिन्दू रीति-रिवाजों व साधु-सन्तोंको बुरा-भला कहा है । वसुधा वेणुगोपालकी इस ट्वीटका उत्तर देते हुए राजू दासने लिखा कि उन्हें ऐसा करनेसे पूर्व भारतका विधान पढ लेना चाहिए; क्योंकि भारतमें धर्मोंका अपमान करनेकी अनुमति नहीं है । उन्होंने लिखा कि भारतमें कईप्रकारके ईशनिंदा विधान हैं ।

जबकि आइआइटी और लेखक संक्रांत सानुने उन्हें उत्तर देते हुए लिखा कि यह सब हिन्दुत्वपर प्रहार करनेका एक बहाना है । उन्होंने लिखा कि पैगम्बर मुहम्मदके विरुद्ध टिप्पणी करनेवालेकी या तो भीडद्वारा हत्या कर दी जाएगी या प्रशासनद्वारा उसे दण्डित किया जाएगा । उन्होंने पूछा कि क्या कभी किसी पेरियार भक्तने इसाई धर्मकी आलोचना की है ?

उल्लेखनीय कि उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथके विरुद्ध फेसबुक और ट्विटरपर आपत्तिजनक लेख साझा करनेके आरोपमें लखनऊ पुलिसने शनिवार, ८ जूनको स्वतन्त्र पत्रकार प्रशांत जगदीश कनौजियाको उसके आवाससे बन्दी बना लिया था । आरोपी प्रशांत कनौजिया छद्म (फर्जी) समाचार प्रसारित करने, हिंदू विरोधी घृणा और दलितोंके विरुद्ध निकृष्ट वक्तव्य करनेके लिए जाना जाता है । प्रशांत कनौजियाका दलितों और हिंदू संतोंपर अभद्र टिप्पणी करनेका इतिहास रहा है ।

“वसुधाजी कृपया यही टिप्पणी एक बार मौलवियों या ईसाईयोंके लिए करें, अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता क्या होती है ? उन्हें समझमें आ जाएगा ! परन्तु ये ऐसा नहीं करेंगीं; क्योंकि ऐसे पत्रकर हिन्दू धर्मको नीचा दिखानेके लिए चल रहे प्रयोजित षडयन्त्रका भाग है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : ऑप इण्डिया



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution