जुलाई ७, २०१९
उत्तरप्रदेशके मुजफ्फरनगरमें महिलाओंसे दुर्व्यवहार करनेका प्रकरण सामने आया है । भोपा क्षेत्रके रजबहे गांवमें जब कुछ युवतियां नहा रही थीं, तब कुछ मुसलमान वहां पहुंच गए और उन्होंने अश्लील कृत्य किए । इतना ही नहीं, इसके पश्चात अपने मित्रोंके साथ गांवमें पहुंच गए और पीडित पक्षके परिजनोंके साथ मारपीट की । इस घटनामें २ महिलाओं सहित ३ लोग चोटिल हो गए । उक्त युवतियां गांवके एक विवाहमें भाग लेने आई थीं और घूमने-फिरनेके मध्य स्नान कर रही थीं, जब उनके साथ छेडछाड हुई ।
दो वर्गोंके मध्य प्रकरण होनेके कारण गांवमें साम्प्रदायिक तनाव व्याप्त है । पुलिस बल नियुक्त कर दिया गया है । पुलिसको स्थितिको शांत करनेके लिए लाठियां चलानी पडी । पीडित पक्षका आरोप है कि इस प्रकरणमें एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए पुलिसने पीडित पक्षके ही तीन युवकोंको बन्दी बना लिया । ग्रामीणोंने जब थाना पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और हिन्दूवादी संगठनोंने आवाज उठाई, तब जाकर उक्त युवकोंको छोडा गया ।
हिन्दूवादी संगठनों और पुलिसके मध्य थानेमें नोंकझोंक भी हुई; क्योंकि संगठनोंका आरोप था कि पुलिस उल्टा पीडित पक्षपर ही कार्यवाही कर रही है । हिन्दूवादी कार्यकर्ताओंने एसएसपीसे भी भेंटकर अपनी बात रखी । इसके पश्चात पुलिसने कार्यवाही करनेका आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए । गांवमें कई थानोंकी पुलिस पहुंची, तब जाकर प्रकरण शान्त हुआ । समीर व जावेद नामक युवकोंके विरुद्ध छेडछाडका प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । गांवमें अभी भी तनाव व्याप्त है ।
इस मध्य कुछ लोगोंने दोनों पक्षोंमें सन्धि करानेका भी प्रयास किया । यद्यपि, पुलिस इस बातसे भडक उठी ।पुलिसने कहा कि अब इस प्रकरणमें सन्धिका कोई प्रश्न ही नहीं है और दोषियोंपर कडी कार्यवाही की जाएगी । एसपीने स्वीकार किया कि गांवमें इसप्रकारकी घटनाएं बढ गई हैं और इसलिए दोषियोंको छोडा नहीं जाएगा । पीडित युवतियां लुधियानासे आई थीं ।
“या तो अब पुलिस जिहादियोंको पकडे और कडेसे कडा दण्ड दे; अन्यथा सभी हिन्दू मिलकर दोषियोंको गांवसे बाहर करे । हिन्दुओ ! यदि अपनी पुत्रियोंको और घरकी स्त्रियोंको बचाना है तो ऐसे व्यक्तियोंको गांवमें आश्रय देना ही संकटको निमन्त्रण देना है । ” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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