जुलाई ४, २०१९
विधानसभा मतदानसे पूर्व बीजेपीके ‘जय श्रीराम’के नारोंसे घिरीं ममता बैनर्जीने गुरुवार, ४ जुलाईको कोलकातामें इस्कॉन मंदिरमें पूजा की और रथयात्राको रवाना किया । ममता बैनर्जीने ‘जय जगन्नाथ, जय बांग्ला’के उद्घोष भी किए । इस मध्य ममता बैनर्जीने जनसभाको सम्बोधित भी किया । ममता बैनर्जीके साथ बसीरहाटसे तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां भी उपस्थित थीं ।
ममता बैनर्जी और नुसरत जहांने रथयात्राके मध्य भगवान जगन्नाथकी आरती भी की । इस मध्य धर्मको लेकर हो रहे विवादपर नुसरत जहांने पत्रकारोंसे कहा कि मैं जन्मसे मुसलमान हूं और प्रत्येक धर्मका सम्मान करती हूं । उन्होंने कहा कि बिना कारण मेरे धर्मको राजनीतिक रूप दिया जा रहा है । माना जा रहा है कि ममता बैनर्जीने ‘जय जगन्नाथ, जय बांग्ला’केद्वारा बीजेपीके ‘जय श्रीराम’के उद्घोषको दुर्बल करनेका प्रयास किया ।
ममताने यह भी दिखानेका प्रयास किया कि बीजेपीका मुस्लिम तुष्टीकरणका आरोप अनूचित है और वह सभी धर्मोंका सम्मान करती हैं ।
गत दिवसोंमें एक फेसबुक लेखकेद्वारा ममता बैनर्जीने आरोप लगाया था कि ‘जय श्रीराम’का बीजेपी अनुचित प्रयोग कर रही है । ममताने लिखा, ‘जय सिया राम, जय रामजीकी, राम नाम सत्य है…आदि धार्मिक और सामाजिक धारणाएं हैं । हम इन भावनाओंका सम्मान करते हैं; परन्तु बीजेपी धर्मको राजनीतिके साथ मिलाकर धार्मिक उद्घोष जय श्रीरामका अपने पार्टीके उद्घोषके रूपमें अनुचित ढंगसे प्रयोग कर रही है ।’
“राम नामको खुलेमें अपशब्द बोलनेवाली ममता बैनर्जी छवि सुधारने हेतु रामके ही एक भिन्न नाम जगन्नाथजीका नाम लेनेका पाखण्ड कर रही हैं । अब देश इन नेताओंकी छद्म मानसिकताको पहचान चुका है । अब ये चाहे कितना भी दिखावा करें, इनका राजनीतिसे जिनेका समय आ गया है और यह इन्हें भी स्पष्ट दिख रहा है । तभी तो रोजा रखनेवाली ममता बैनर्जी जगन्नाथके पास पहुंची हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
Leave a Reply