जून २०, २०१९
श्रीलंकामें सीरियल बम विस्फोटका उत्तरदायित्व लेनेवाले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेटकी दृष्टि अब भारतपर है । तमिलनाडुके कोयम्बटूरमें राष्ट्रीय जांच विभागने (एनआईए) १२ जूनको आईएस समर्थक चार संदिग्धोंको बन्दी बनाया था । सूत्रोंके अनुसार, आईएसके आतंकी कई मंदिरों और चर्चोंमें फिदायीन आक्रमणका षडयन्त्र कर रहे हैं । ये सभी उसी षडयन्त्रमें सम्मिलित थे ।
राष्ट्रीय जांच विभागने श्रीलंकासे मिली जानकारीके पश्चात १२ जूनको कोयम्बटूरमें सात स्थानोंपर छापेमारी की थी । इस मध्य एनआईएने चार लोगोंको बन्दी बनाया था । इनमें श्रीलंका विस्फोटोंका मुख्य आरोपी जहरान हाशिमका फेसबुक मित्र मोहम्मद अजरुदीन भी सम्मिलित है । अन्य संदिग्धोंमें शाहजहां, मोहम्मद हुसैन और शेख सैफुल्लाह हैं ।
गुप्तचर विभागने केरल पुलिस प्रशासनको पत्रकेद्वारा चेतावनी दी है । सूत्रोंके अनुसार, पत्रमें कहा गया है कि आईएसको सीरिया और ईराकमें अत्यधिक हानि हुई है, इसलिए आईएस अब हिंद महासागर क्षेत्रकी ओर बढ रहा है ।
पत्रमें यह भी कहा गया है कि आईएसने अब अपने समर्थकोंसे अपने-अपने देशमें रहकर ही सक्रिय रहनेको कहा है । कोच्चि और कोयम्बटूरके कई महत्वपूर्ण क्षेत्र आईएसके लक्ष्यपर हैं ।
पुलिस सूत्रोंके अनुसार, गत कुछ वर्षोंमें केरलके कमसे कम १०० लोग आईएसमें सम्मिलित हो चुके हैं । पुलिस राज्यमें ३००० से अधिक संदिग्धोंपर दृष्टि बनाए हुए है । इनमें अधिकतर संदिग्ध उत्तरी क्षेत्रसे हैं ।
श्रीलंकामें २१ अप्रैलको ईस्टरके दिन चर्चों और विश्रामालयोंमें ८ बम विस्फोट हुए थे । ११ भारतीयों सहित २५८ लोगोंकी मृत्यु हुई थी ।
“इस्लामका मूल उद्देश्य अन्योंको दबाना और नष्ट करना है । आइएस उसका जीवन्त उदाहरण है । केरलके व अन्य मुसलमान युवा आइएसमें सम्मिलित हो रहे हैं । यह बताता है कि वे युवा जिहादकी ओर बढ रहे हैं; क्योंकि जिहादका बीज बालपनमें ही बो दिया जाता है । भारत शासन इसे त्वरित रोके; अन्यथा इसे रोकना असम्भव हो जाएगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भास्कर
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