जून १८, २०१९
भारतकी लोकसभामें साध्वी प्रज्ञाको अत्यधिक अपमानित किया गया ! साध्वी प्रज्ञाने आज शेष सांसदोंकी ही भांति लोकसभामें एक सांसदके रूपमें अपनी शपथ ली । सोमवार, १७ जूनको लोकसभामें प्रत्येक नूतन सांसदको शपथ लेनी थी और साध्वी प्रज्ञा मध्य प्रदेशकी भोपाल सीटसे लोकसभाकी सांसद हैं, तो उन्होंने भी शपथ समारोहमें भाग लिया ।
साध्वी प्रज्ञाने अपनी शपथ संस्कृत भाषामें ली और उन्होंने अपने नाममें अपने गुरुका नाम भी लगाया । मूल रूपसे साध्वी प्रज्ञाने सन्त परम्परा, संन्यासकी परम्पराका पालन किया था ।
संन्यासकी परम्परामें संन्यासकी दीक्षा देनेवाला गुरु ही पिता माना जाता है । योगी आदित्यनाथ भी अपने पिताके नामके स्थानपर महंत अवैद्यनाथका ही नाम लेते हैं । ये ही सन्त परम्परा है ।
इसपर विपक्षके सांसद हंगामा करने लगे और उन्होंने अस्थाई स्पीकरसे इसकी परिवाद की और फिर साध्वी प्रज्ञाको अपमानित किया गया और उन्हें शपथ पुनः लेनेके लिए विवश कर दिया गया ।
साध्वी प्रज्ञाने भारतकी सनातन धर्मकी परम्पराका पालन किया, जिसके कारण विपक्ष भडक गया और साध्वीको पुनः शपथके लिए विवश कर दिया गया ।
“विचित्र है कि संसदमें केवल प्रज्ञा ठाकुरका नहीं वरन समूचि सन्यास परम्पराका अपमान किया है और कोई भी सांसद उनके पक्षमें नहीं बोला, यह लज्जाजनक है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डेली न्यूज
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