जिस विद्यालयमें ‘हिजाब’को लेकर विवाद, वहांसे शस्त्रों सहित रज्जाब और अब्दुल बन्दी, उडुपी ‘पुलिस’ तीन अन्यको ढूंढ रही है 


७ फरवरी, २०२२
     कर्नाटकके उडुपीमें आरम्भ हुआ ‘हिजाब’के प्रकरणके तार कहीं दूरसे जुडते दृष्टिगत हो रहे हैं । सामाजिक जालस्थलके उपयोगकर्ताओंद्वारा लगाए जा रहे ये आरोप कि यह किसी बडे षड्यन्त्रका भाग है, एक सीमातक सत्य होता प्रतीत होता है । वास्तविकतामें, उडुपीके जिस विद्यालयके पास ‘हिजाब’को लेकर विवाद जारी है, वहांसे ‘पुलिस’ने दो सन्दिग्धोंको शस्त्रोंके साथ बन्दी बनाया है ।
‘पुलिस’द्वारा बन्दी बनाए गए सन्दिग्धोंके नाम रज्जाब और हाजी अब्दुल मजीद बताया जा रहा है । इन दोनोंके पाससे ‘पुलिस’ने शस्त्र आधिपत्यमें लिए हैं । वहीं, तीन अन्य सन्दिग्धोंकी खोजकी जा रही है; यद्यपि इसपर ‘पुलिस’का अभीतक वक्तव्य नहीं आया है, न ही अभीतक स्पष्ट हो पाया है कि ये लोग कौन हैं ? कहांसे आए हैं और किसने भेजा है ?
विदितहो कि ‘हिजाब’ विवादसे दो महीने पूर्व ही उडुपीमें मुसलमानोंने हिन्दुओंका बहिष्कार किया था । इसके पीछे गोहत्याका विरोध करना मुख्य कारण था । प्रतिवेदनके अनुसार, १ अक्टूबर २०२१ को हिन्दू जागरण मंचद्वारा तालुकके गंगोलीमें पशुचोरी और गोहत्याके विरुद्ध बडे स्तरपर विरोध प्रदर्शन किया गया था । प्रदर्शनमें मछुआरे, मछली विक्रेता और महिलाओं सहित कई सहस्र लोगोंने भाग लिया था । इसके पश्चात क्षेत्रमें रहनेवाले मुसलमानोंने गंगोली विपणिसे मछली क्रय करनेका बहिष्कार कर दिया था । इतना ही नहीं, लोगोंको भी हिन्दू मछली विक्रेताओंसे मछली नहीं क्रय करनेके लिए उकसा रहे थे ।
     धर्मान्धोंका मुख्य ध्येय शिक्षाका ‘तालिबानीकरण’ तो है ही है; किन्तु जिहादी ‘हिजाब’की ओटमें किसी बडे षड्यन्त्रको कार्यान्वित करना चाहते हैं । कर्नाटक  प्रशासनके साथ साथ हिन्दू संगठनोको भी सतर्क रहनेकी आवश्यकता है । आशा है ‘पुलिस’ प्रशासन पकडे गए आतङ्कियोंसे सम्भावित षड्यन्त्रोंके विषयमें गहनतासे पूछताछ करके षड्यन्तकारियोंको उनके सही स्थान कारागृहमें पहुंचाएगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution