रांचीमें ईसाई बन चुके ८ लोगोंने पुनः स्वीकार किया हिन्दू धर्म
२३ दिसम्बर, २०२१
झारखंडकी राजधानी रांचीमें ८ लोगोंने ईसाई धर्म त्यागकर घर ‘वापसी’ की है । लापुंग प्रखण्डके कंडरकेल गांव स्थित सरना स्थलमें आदिवासी महासभाद्वारा आयोजित एक समारोहमें ईसाई धर्म अपना चुके, एक ही परिवारके इन ८ लोगोंकी पूजा-अर्चनाद्वारा घर ‘वापसी’ करवाई गई । ‘ईटीवी’ समाचार ‘चैनल’के अनुसार, कंडरकेल डुमरटोलीके रहनेवाले चैतु उरांवके परिवारने सरना धर्म अपनाया । सरना धर्मको अपनानेवाले लोगोंको आदिवासी महासभाकी ओरसे धोती व साडी भेंट देकर सम्मानित भी किया गया । वहीं इस समारोहमें अधिक संख्यामें ग्रामीण भी उपस्थित थे । घर वापसी करनेवाले चैतुने बताया कि उसका परिवार निरन्तर रुग्ण रहता था; अतः इस समस्यासे मुक्ति पाने हेतु उन्होंने ईसाई धर्मको अपनाया था; परन्तु उन्हें अपने किएपर पछतावा हुआ, जिस कारण उन्होंने पुनः हिन्दू धर्ममें ‘वापसी’ की । आदिवासी महासभाके संयोजक देव कुमार धानने कहा कि जो लोग अपने मूल धर्मको त्यागकर अन्य पन्थोंमें चले गए हैं, उन्हें एक अभियानद्वारा सनातन धर्ममे पुनः लानेका प्रयास किया जा रहा है । उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी अक्टूबर माहमें ईसाई धर्म अपना चुके ३ परिवारके १६ लोगोंने रांचीमें घर ‘वापसी’ की थी ।
धर्मान्तरणका कुकृत्य ईसाई समुदायद्वारा बृहद स्तरपर भारतमें चलाया जा रहा है और राज्यशासन उक्त प्रकरणोंसे अवगत भी है और इन्हें प्रश्रय भी दे रहा है । अब हिन्दुओंको ही संगठित एवं न्यायिक मार्गद्वारा धर्मान्तरण करानेवाले आसुरी पन्थके लोगोंको रोकना आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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