उमर अब्दुल्लाने लगाया अनर्गल आरोप, पुलिसने सत्य किया उजागर
१५ फरवरी, २०२१
जम्मू कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री उमर अब्दुल्लाने ‘ट्विटर’पर ‘नजरबन्द’ किए जानेका बडा ‘दावा’ किया है ।
‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’के नेताने कहा कि उन्हें उनके ही घरमें ‘नजरबन्द’ करके रखा गया है । उन्होंने ‘ट्विटर’के माध्यमसे अगस्त २०१९ के ‘नया जम्मू कश्मीर’की बात की । इसी दिवसको जम्मू कश्मीरको मिले विशेष राज्यका अधिकार वापस लेकर ‘अनुच्छेद-३७०’के प्रावधानोंको निरस्त कर दिया गया था । उससे पहले भी कई पृथकतावादियों और कश्मीरी नेताओंको कारावासमें या ‘नजरबन्द’ करके रखा गया था ।
श्रीनगर पुलिसने स्पष्ट किया है कि पुलवामाके लेथपोरामें हुए आतङ्की आक्रमणका आज दूसरा वर्ष है, ऐसेमें पुलिस यह प्रयास कर रही है कि कोई हिंसाकी घटना न हो । पुलिसने कहा कि कुछ प्रतिकूल महत्त्वपूर्ण सूचनाओंके कारण ‘वीआईपी’ और सुरक्षा घेरेमें रहनेवाले लोगोंको आना-जाना न करनेकी सुझाव दिया गया है । साथ ही ऐसे सभी व्यक्तियोंको आज नियोजित की गई यात्राओंको भी स्थगित करनेके लिए पहले ही सूचित कर दिया गया था ।
जम्मू कश्मीरके पूर्व स्थिति और वर्तमान स्थितिको देख कुछ राजनेताओंको यह लगता है कि यहां परिवर्तन नहीं होना चाहिए, जबकि इनके पूर्व शासनमें अनेक आतड्की घटनाएं होती थीं और वर्तमान स्थिति कुछ शान्तिपूर्ण है । सत्ताके लोभी व देश विरोधी ऐसे नेता दण्डके पात्र हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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