राहुल गांधीने प्रताडित हिन्दुओंको मान्यता देनेको किया मना, ‘सीएए’वाले गमछेपर लगाया ‘क्रॉस’
१६ फरवरी, २०२१
असमके शिवसागरमें एक प्रदर्शनके मध्य राहुल गांधीने ‘सीएए’के विरुद्ध वक्तव्य दिया । उसने कहा कि सत्तामें आनेपर वह ‘सीएए’ प्रभावित नहीं होने देगा । स्थानीय लोगोंसे अपने आपको जोडने हेतु, प्रयासके अभिनयके लिए, उसने पास रखे एक पारम्परिक गमछेपर, ‘सीएए’के ऊपर काटा लगा हुआ दिखाया ।
‘सीएए’ संसदके दोनों सदनोंमें पारित हो चुका है, जिसे अभी क्रियान्वित करना ही शेष रह गया है । इस अधिनियमकी सहायतासे पडोसी देश पाकिस्तान, बंगलादेश तथा अफगानिस्तानके प्रताडित हिन्दुओं, सिखों, ईसाइयों, पारसियों, बुद्धों और जैनोंको भारतमें लाकर नागरिकता दी जाएगी । इसके लिए कांग्रेस शासन भी पूर्वकालमें घोषणा करती रही है; किन्तु अब उन्हीं प्रताडित अप्रवासियोंके लिए घृणा दिखाते हुए, ‘सीएए’का विरोध कर रही है । कांग्रेसका कहना है कि वे प्रताडित लोग नीच जातिके हैं और उनसे हमारा कोई सम्बन्ध नहीं है ।
इसका अर्थ हुआ कि कांग्रेस केवल छलावा करती रही है और शोषित राजनीतिकर, मत प्राप्त करके शासनद्वारा अपना ही लाभ करती रही है । अन्य धर्मियोंके प्रति घृणा उसका सर्वप्रथम लक्ष्य रहा है । शासन ‘सीएए’ प्रभावित करनेमें विलम्ब न करे, जिससे विरोधियोंको कोई अवसर प्राप्त न हो सके । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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