प्रतिदिन कमसे कम २० मिनिट योग, व्यायाम या प्रातः या सन्ध्या समय ‘सैर’ करनेका नियम अवश्य बनाएं ! इससे रक्तका संचार सुचारू रूपसे होकर आपको भरपूर ऊर्जा मिलेगी ।
और एक महत्त्वपूर्ण बात ध्यान रखें कि वर्तमान समयमें हम अनेक प्रकारके आधुनिक उपकरण जैसे पंखा, वातानुकूलित यन्त्र (एयर कंडीशनर), शीत कपाटिका (फ्रिज), वस्त्र धुलाई यन्त्र (वाशिंग मशीन), भ्रमणभाष (मोबाइल) चलित संगणक (लैपटॉप) या संगणक (कंप्यूटर) इत्यादिका अपने दैनिक जीवनमें उपयोग करते हैं । ये सभी उपकरण सूक्ष्म काली शक्तिका प्रक्षेपण करते हैं; इसलिए हमारे शरीरमें ये काली शक्ति एकत्रित होती रहती है । प्रातः एवं सन्ध्या समय रिक्त उदर (खाली पेट) सूर्य, आकाश एवं मिट्टीमें यदि हम योग या व्यायाम करते हैं या ‘सैर’ करते हैं तो पञ्च तत्त्वोंमेंसे चार तत्त्वोंके आध्यात्मिक उपचार (स्पिरिचुअल हीलिंग) होनेसे काली शक्तिका विघटन होकर हमारा शरीर व मन दोनों ही शुद्ध होते हैं । यद्यपि प्रतिदिन हम आधुनिक उपकरणोंका अपने दैनिक जीवनमें उपयोग करते हैं; इसलिए इस प्रकारकी शुद्धि प्रतिदिन आवश्यक होती है । यह प्रक्रिया हमारे स्वस्थ रहनेकी कुञ्जी है ।
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