मन्दिरोंके खुलनेसे कोरोना संक्रमणमें वृद्धि : शिवसेनाने भाजपापर लगाया आरोप


२१ फरवरी, २०२१
   महाराष्ट्रमें कोरोना संक्रमणमें वृद्धि हो रही है, जिसके लिए मुखपत्र ‘सामना’में शिवसेनाने भाजपाकी मन्दिर राजनीतिको दोष दिया है । शिवसेनाने कहा कि उसने विपक्षी पक्ष भाजपाके दबावके कारण मन्दिर खोलनेका निर्णय लिया, इसीलिए संक्रमणमें वृद्धि हो रही है ।
   महाराष्ट्रमें प्रतिदिन ६०००से अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं । राज्यमें कोरोनाके ४४७६५ सक्रिय रोगियोंके कारण महाराष्ट्र देशमें दूसरे स्थानपर है । प्रथम स्थानपर सक्रिय ५९८१७ रोगियोंके साथ केरल राज्य है । महाराष्ट्रमें अभीतक २०८७६३२ लोग कोरोनाग्रस्त पाए गए हैं, जो सङ्ख्या देशमें सर्वाधिक है । द्वितीय स्थानपर कुल सङ्ख्या १०२५९३८के साथ केरल है । महाराष्ट्रमें अभीतक कोरोनासे ५१७१३ जन मृत्युको प्राप्त हो चुके हैं । अन्य राज्योंमें यह सङ्ख्या एक चौथाई भी नहीं है ।
     उल्लेखनीय है कि अचानक कोरोना रोगियोंकी सङ्ख्यामें होती वृद्धि देख राज्यने विभिन्न क्षेत्रोंमें गृहबन्दी सहित अनेक दिशा निर्देशोंकी घोषणा की है । सार्वजनिक स्थानोंपर मुखावरण पहनना आवश्यक किया है ।
       महाराष्ट्र शासन जो कोरोनाकी वृद्धिके लिए मन्दिर खुलनेको दोष दे रहा है; उसने गृहबन्दीके समय सर्वत्र मदिराकी आपणियां खोली थीं । मदिरा क्रय करनेको जुटी जनताकी भीडको वहांकी पुलिस रोकनेमें असमर्थ रही थी । चिकित्सालयोंकी भी अनेक अव्यवस्थाएं उजागर हुई थीं, वहां ‘सब्जी’ फल आदिकी आपणि भी गृहबन्दीमें खुली थीं । पतंजलिने जब इसकी औषधि बनाई तो उसका विरोध करनेमें भी शिवसेना अग्रसर रही । अब पतंजलिने पुनः प्रत्येक मानक पूर्ण करते औषधि प्रस्तुत कर दी है । ऐसेमें कोरोनाके लिए मात्र मन्दिरोंके दर्शनको दोष देना अनुचित होगा । राज्य शासनको आत्मविश्लेषण करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution