राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण न्यायालयमें पृथकतावादी आसिया अंद्राबीपर भारतके विरुद्ध युद्ध छेडने और देशद्रोहके आरोप निर्धारित
२५ फरवरी, २०२१
आसिया अंद्राबी पृथकतावादी संगठन ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’से जुडी हुई है । राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणने अंद्राबी और ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’की २ अन्य महिलाओंको राजद्रोहके आरोपमें ५ जुलाईको पकडा था ।
विगत दिवसोंमें ‘एनआईए’ने आसिया अंद्राबीके श्रीनगर स्थित घरको ‘अटैच’ किया था । आतंकी गतिविधियोंके लिए प्रयोग किए जानेके कारण ‘यूएपीए’के अन्तर्गत यह कार्यवाही की गई । अब आसिया अंद्राबी अपने इस घरको तबतक नहीं विक्रय कर सकती है, जब तक इस पूरे विषयकी जांच पूर्ण न हो जाए ।
ये वही जिहादी आसिया है, २०१५ में गाय माताको काटनेका चलचित्र प्रसारित होनेके पश्चात पकडा गया था । पाक सेनामें एक अधिकारीके द्वारा ‘जमात-उद-दावा’ और ‘लश्कर-ए-तैयबा’के प्रमुख हाफिज सईदके सम्पर्कमें भी थी और यही जिहादी समूहकी संस्थापक आसिया भारतसे कश्मीरकी पृथकताके लिए कार्य कर रही है । देशद्रोही आसियाको राष्ट्रके विरुद्ध युद्ध छेडनेके विषयमें भी पकडा था ।
आसिया अंद्राबीके साथ ही दो सहयोगी नाहिदा नसरीन और सोफी फहमीदा अभी तिहाड कारावासमें बन्द है ।
ऐसे देशद्रोहियोंके कारण ही भारत देशकी एकताको इतनी क्षति पहुंची है, जो आजतक भी हम पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं; इसलिए न्यायालयद्वारा ऐसे सभी देशद्रोही नेताओं और व्यक्तियोंको मृत्युदण्ड दिया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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