जिहादीद्वारा विवाहका झांसा देकर २ वर्षोंतक आदिवासी युवतीसे शारीरिक शोषण
०२ मार्च, २०२१
झारखंडकी राजधानी रांचीके गोंदा थानेमें कांके पथ निवासी एक युवतीद्वारा बलात्कारके आरोपमें प्राथमिकी प्रविष्ट कराई गई है । आरोपी केशर आलम बनाम केशु गुलजार नगर थाना क्षेत्र स्थित इटकीका निवासी है ।
पीडिता एक बडी आपणिमें (दुकानमें) सहायकके रूपमें कार्य करनेके कारण कोकरमें एक सहेलीके पास रहती थी । अपराधी केशर आलम प्रायः वहां आया-जाया करता था । वहींपर उन दोनोंमे मित्रता हो गई ।
पीडिताने बताया कि ‘क्रिसमस’के दिवस वो घरमें एकाकी थी, इस मध्य केशर आलम वहांपर आ धमका और उसने चायकी इच्छा प्रकट की । इसके पश्चात उसने चायमें मादक पदार्थ मिलाया और आदिवासी समाजसे आनेवाली युवतीके साथ बलात्कार किया । जब पीडिताने उसके इस कुकृत्यका विरोध किया तो आरोपी २ वर्षोंतक विवाहका झांसा देता रहा और अब उसने विवाहसे मना करते हुए कहा कि जब वह धर्मान्तरणके पश्चात इस्लाम अपनाएगी, तभी वो उससे विवाह करेगा । पुलिसने इस प्रकरणका अन्वेषण आरम्भ कर दिया है; परन्तु अभीतक आरोपी पकडा नहीं गया ।
झारखंड ईसाई धर्मान्तरणकी समस्यासे भी जूझ रहा है । विश्व हिन्दू परिषदने कहा है कि झारखंडके मुख्यमन्त्रीका कहना कि आदिवासी हिन्दू नहीं थे और नहीं रहेंगे, ऐसे वक्तव्यसे झारखंडमें मतान्तरणको बढावा मिलेगा ।
प्रत्येक माता-पिताको अपने बच्चोको अच्छे संस्कार देने चाहिए, जिससे वो ऐसी घटनाओंका लक्ष्य न बने और प्रशासनद्वारा ऐसे अपराधोके विरुद्ध कठोर विधान त्वरित गतिसे पारित करते हुए लागू करना चाहिए, जिससे जिहादी पुन: ऐसा दुस्साहस न करें ! झारखंड शासनके ऐसे वक्तव्यके विरुद्ध हिन्दुओंद्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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