पत्नीसे दुष्कर्म करनेके प्रयासपर आरोपीने की आस मोहम्मदकी हत्या, ‘आजतक’ने बताया तान्त्रिक
०२ मार्च, २०२१
गाजियाबादके मुरादनगर थाना क्षेत्रके गांव जलालपुरमें एक ‘फकीर’की हत्याके प्रकरणमें पुलिसने एक नवीन रहस्य उजागर किया है । प्रकरण १९ फरवरीका है, जिसमें आस मोहम्मदके विषयमें पुलिसने रविवारको बताया कि वह इस्लामी तन्त्र विद्याके नामपर आरोपी व्यक्तिकी पत्नीके साथ दुष्कर्म करनेका प्रयास कर रहा था । इसी कारण उस व्यक्तिने उसे मार डाला; परन्तु वहीं ‘मीडिया’ने उस ‘फकीर’को तान्त्रिक बताया । आरोपीने बताया कि आस मोहम्मद सन्तानोत्पत्तिका वचन देकर महिलाओंको अपने पास बुलाता था तथा उनके साथ दुष्कर्म किया करता था । आरोपीकी पत्नीका भी उसी मोहम्मदके पास आना जाना था । जब उसने महिलाके साथ कुकृत्य करनेका प्रयास किया, तो महिलाने अपने पतिको इस विषयमें अवगत कराया । महिलाका पति इसे जानकर अत्यधिक क्रोधित हो गया व मोहम्मद आसके घर जाकर उसे ढूंढनेका प्रयास किया । न मिलनेपर वह उसकी ‘चौराहे’पर प्रतीक्षा करने लगा । जैसे ही वहांसे वह निकला, आरोपीने उसकी हत्या कर दी । पुलिसके सामने अब यह सत्य भी उजागर हुआ है कि आस मोहम्मदने ५० से अधिक महिलाओंके साथ बलात्कार किया था एवं इस प्रकरणमें एक और मुसलमान मुस्तकीमका नाम भी आ रहा है । तान्त्रिक शब्दसे ऐसा प्रतीत होता है, मानो दुष्कर्म करनेवाला व्यक्ति हिन्दू हो; इसलिए ‘मीडिया’ बहुत ही चतुराईके साथ फकीरों एवं मौलवियोंके पकडे जानेपर धर्मगुरु व तान्त्रिक शब्दोंका प्रयोग करते हैं । इस बार भी ‘आज तक’ व ‘अमर उजाला’ जैसे संस्थानोंने आस मोहम्मदका नाम छुपाकर ऐसा ही खेल खेला ।
समाचार यह स्पष्ट करता है कि किस प्रकार हिन्दू धर्मको अपमानित करने हेतु ‘मीडिया’द्वारा शब्दोंको परिवर्तित कर दिया जाता है व एक छद्म वातावरण बनानेका प्रयास किया जाता है । जिहादी आरोपियोंकी ‘पहचान’ छुपाकर उनके स्थानपर ‘बाबा’ व ‘साधु’ जैसे शब्दोंका प्रयोग किया जाता है; जिससे लोगोंमें यह प्रसारित हो कि ऐसे कुकृत्य करनेवाले आरोपी हिन्दू ही होते हैं । ऐसे संस्थानोंपर भारत शासनके सूचना प्रसारण मन्त्रालयद्वारा ध्यान दिया जाना चाहिए; क्योंकि ये समाचार प्रसारित नहीं करते वरन दुष्प्रचार करते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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