हिन्दू धर्मस्थलपर ‘क्रिश्चियन क्रॉस’ मां सीताके पदचिह्नोंको हानि पहुंचाई गई
०३ मार्च, २०२१
आंध्र प्रदेशमें मन्दिरोंको लक्ष्य बनाने और मूर्तियोंको खण्डित करनेकी कई घटनाएं वर्तमानमें सामने आई हैं । अब राज्यके गुंटूर जनपदके इदलापाडूमें हिन्दुओंके धर्मस्थलके पास विशालकाय क्रिश्चियन ‘क्रॉस’ बनाए जानेका आरोप बीजेपीने लगाया है । जिस स्थानपर यह ‘क्रॉस’ लगाया गया है, वहां माता सीताके पदचिह्न होनेकी मान्यता है । बीजेपीने ईसाई प्रचारकोंपर इस ‘क्रॉस’के निर्माणका आरोप लगाया है । आंध्र प्रदेश बीजेपीके सह प्रभारी सुनील देवधरने ‘ट्वीट’ कर बताया है कि अवैधानिक प्रकारसे इस विशालकाय ‘क्रॉस’का निर्माण किया गया है ।
कथित अतिक्रमणका चित्र साझा करते हुए सुनील देवधरने ‘ट्वीट’ किया है, “आंध्र प्रदेशके इदलापाडूमें जहां मां सीताके पदचिह्न हैं, वहां लगाए गए इस विशालकाय अवैधानिक ‘क्रॉस’को देखिए । भगवान नरसिम्हाकी प्रतिमा पीछे स्थित है । गुंटूरमें ईसाई ‘माफियाओं’ने उत्पात मचा रखा रखा है । बीजेपी और ‘आरएसएस’के लोगोंने इसका विरोध किया; परन्तु प्रशासनने ईसाई अतिक्रमणकारियोंको मौन समर्थन दे रखा है ।”
‘ऑर्गेनाइजर’की ‘रिपोर्ट’के अनुसार हिन्दुओंके लिए यह स्थान पूजनीय है और शताब्दियोंसे वे इस स्थानपर वैवाहिक आयोजन करते रहे हैं, परन्तु कालान्तरमें चुपकेसे ईसाई आए और इस पहाडीको स्वयंसे जुडे होनेका प्रमाण बताने लगे । ‘रिपोर्ट’में यह भी कहा गया है कि जगन मोहन रेड्डीकी शासन आनेके पश्चात उन्होंने यहां ‘चर्च’भी बना लिया है । बीजेपी और ‘आरएसएस’के कार्यकर्ताओंके विरोधके उपरान्त एक शीर्ष शासकीय अधिकारी, जो स्वयं ईसाई हैं, कथित रूपसे ‘चर्च’की सहायता कर रहे हैं ।
आंध्र प्रदेशमें जगनमोहन रेड्डी शासनद्वारा ईसाइयोंको हिन्दुओंके पवित्र तीर्थ स्थलोंको तोडने और हानि पहुंचानेका अधिकार दिया जा रहा है । क्या यह उचित है ? ऐसे धर्मद्रोही शासनकर्ताओंको सभी हिन्दुओंद्वारा सड्गठित होकर विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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