हाथ पकडकर २० मिनट तक नेत्र बन्द किए बैठे रहे, ‘किस’ भी किया, पूर्व ‘डीजीपी’के विरुद्ध महिला ‘आईपीएस’ अधिकारीने प्रविष्ट कराई प्राथमिकी
०४ मार्च, २०२१
तमिलनाडुके पूर्व ‘स्पेशल डीजीपी’ राजेश दासके विरुद्ध यौन प्रताडनाके आरोप लगे हैं । आरोप लगानेवाली महिला भी ‘आईपीएस’ अधिकारी ही है । आरोप है कि पूर्व ‘स्पेशल डीजीपी’ने पीडिताका हाथ अपने हाथमें लेकर उसके पीछे ‘किस’ किया, जिसके पश्चात पीडिताने तुरन्त अपना हाथ खींचा और कहा कि वो उनके साथ सहज नहीं है । इसके पश्चात राजेश दास मुस्कुराने लगे और हाथ छोड दिया । आरोप है कि इसके कुछ समय पश्चात वो पुनः पीडितासे अपना हाथ देनेको कहने लगे ।
महिला ‘आईपीएस’ अधिकारीके आरोपोंके अनुसार, पूर्व ‘डीजीपी’ने इसके पश्चात पुनः उनका हाथ अपने हाथमें ले लिया और विचित्र कृत्य करने लगे । राजेश दासके विरुद्ध यौन प्रताडनाका प्रकरण प्रविष्ट कर लिया गया है । मद्रास उच्च न्यायालयने भी इस प्रकरणका स्वतः संज्ञान लिया है ।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तब पीडित कहां जाएगा ? इसका उत्तर सम्भवत: अनुत्तर ही रहेगा; परन्तु जब रक्षक स्वयं पीडित हो, तब यह और चिन्ताजनक हो जाता है । ‘जस राजा तस प्रजा’वाली कहावत यहां सत्य प्रतीत होती है । जब शासनमें बैठे अधिकांश लोग स्वयं आचरणसे भ्रष्ट हैं, तब प्रशासन निश्चित रूपसे उनसे अधिक भ्रष्ट होगा, जो यहां सत्य प्रतीत हो रहा है । इन सब बुराइयोंसे बचने और समाजको अपराध मुक्त करनेके लिए हिन्दूराष्ट्र कितना आवश्यक है ? यह इन प्रसंगोंसे ज्ञात होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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