ममताके विधायक हमीदुल रहमानने दी चुनाव पश्चात विद्रोहियोंके साथ ‘खेल करने’की धमकी
०५ मार्च, २०२१
बंगालमे विधायक हमीदुल रहमानने खुले मंचसे विवादित भाषणके क्रममें मतदाताओंको धमकी देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजोंका कहना है कि जिसका ‘नमक’ खाते हैं, उसकी ‘नमकहरामी’ नहीं करते हैं । चुनाव पश्चात हम उन लोगोंसे निपट लेंगे, जो हमसे विश्वासघात करेगें । उन लोगोंके साथ ‘खेला होबे’ (खेल खेला जाएगा) । हम सभी बहनको हमारे ‘सीएम’के रूपमें देखना चाहते हैं ।” यहां बंगालमें राजनीतिक हिंसाका लम्बा इतिहास देखते हुए लोग ‘खेला होबे’को किसी सम्भावित हिंसा भरे धमकीके रूपमें देख रहे हैं; इसलिए बंगाल भाजपाके प्रतिनिधिमण्डलने सन्ध्या ५ बजे चुनाव आयोगके कार्यालयमें जाकर रहमानके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट कराया है ।
बंगाल भाजपाके प्रभारी कैलाश विजयवर्गीयने ममता बनर्जीके विधायककी धमकियोंका उत्तर देते हुए कहा, “हुबलीमें ममता बनर्जीने कहा कि हम तो खेला करेंगे, ‘खेला’ क्या होता है ? अर्थात मतदान केन्द्रपर अवैध अधिकार, मतदाताओंको भयभीत करना, निष्पक्ष चुनाव न होना । ये सब ‘खेला’ करनेका प्रयास ‘टीएमसी’ करना चाहती है और इसी बातको ध्यानमें रखते हुए हमने सारी जानकारियोंसे चुनाव आयोगको अवगत कराया ।”
चुनाव आयोगद्वारा इस विषयको संज्ञानमें लेते हुए ऐसे नेताओंको चुनाव लडनेके अयोग्य घोषित कर देना चाहिए ।
रहमानको बताना चाहेंगे कि यह देश और उसके राज्य हमारे महान पूर्वजों व प्रकृतिद्वारा दी गई धरोहरों व मतदाताओंके करके धनसे चलता है, आप लोगोंका ‘वेतन’ भी वहींसे आता है, जिसके लिए आप लोगोंको जनसेवा करनी होती है । रहमान अपने १० कार्य गिनाएं, जो उन्होंने विधायक रहते हुए जनसेवाके रूपमें किए और यदि नहीं किए तो वे स्वयं विचार करें कि ‘नमकहराम’ कौन हुआ ? और ‘खेला’ किसके साथ होना चाहिए । वस्तुत: आजके नेताओंकी यही स्थिति है । जनताका धन खानेवाले स्वयंको जनताका स्वामी समझते हैं, उपद्रव करवाते हैं । ऐसे लोग शासन नहीं, वरन दण्डके योग्य हैं और आगामी धर्मराज्यमें इन्हें इनका वास्तविक स्थान दिखाया जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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