मदरसोंके ५० सहस्र विद्यार्थियोंको पढनी होगी रामायण-गीता, ‘मीडिया’ने फैलाया असत्य समाचार
०५ मार्च, २०२१
केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ने २ मार्च २०२१ को ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग’के (एनआईओएस) लिए भारतीय ज्ञान परम्परा पाठ्यक्रमकी अध्ययन सामग्री प्रस्तुत की । इसके उपरान्त कुछ ‘मीडिया’कर्मियोंने भ्रामक प्रचार आरम्भ किया कि ‘एनआईओएस’ गीता तथा रामायणको मदरसोंतक पहुंचा रहा है । इससे पूर्वकी ऐसे असत्य समाचार देशकी शान्ति भंग करनेमें सफल होते, ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ने त्वरित इसे पूर्णरूपसे असत्य तथा भ्रामक बताया । ‘टाइम्स ऑफ इण्डिया’भी असत्य फैलानेवालोंमें अग्रणी था ।
शिक्षा मन्त्रालयने कहा कि ‘टाइम्स ऑफ इण्डिया’द्वारा फैलाया गया असत्य दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है । ‘एनआईओएस’ मदरसोंकी शिक्षा गुणवत्तापूर्ण करनेको प्राथमिकता देता है । अभी १०० मदरसोंके ५० सहस्र विद्यार्थियोंको इस शिक्षा प्रणालीसे जोडा गया है, भविष्यमें ५०० और मदरसे इससे जुडेंगे । शिक्षा मन्त्रालयने स्पष्ट किया कि कुल १५ पाठ्यक्रम प्रस्तुत किए हैं, जिनमें वेद, योग, विज्ञान, संस्कृत, व्यावसायिक कौशल, रामायण, गीता और पाणिनि-प्रवर्तित महेश्वरा सूत्र सम्मिलित हैं । ये पाठ्यक्रम कक्षा ३, ५ व ८ के स्तरके लिए हैं । शिक्षामन्त्रीने कहा कि किसीभी विद्यार्थीपर कोई विषय थोपा नहीं जा रहा, वरन मदरसोंद्वारा पाठ्यक्रमकी इच्छा दर्शानेके उपरान्त ही यह पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया गया है । विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार विषयका चुनाव कर सकते हैं ।
केन्द्रीय मन्त्री रमेश पोखरियालने पाठ्यक्रम प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत प्राचीन भाषाओं, विज्ञान, कला, संस्कृतिसे ओतप्रोत है । हम इसका लाभ मदरसोंको देते हुए भारतकी प्राचीन परम्पराओंको पुनर्जीवितकर भारतको महाशक्ति बनानेके लिए प्रतिबद्ध हैं ।
शिक्षा मन्त्रालयके विचार देशहितमें हैं । मदरसोंमें मात्र उर्दू तथा कथित धार्मिक ज्ञान देकर वहांसे शिक्षित विद्यार्थी समाजमें उचित चाकरी नहीं पा सकता, अधिकतर तो जिहादी ही बनते हैं । अन्य विषय जोडकर विद्यार्थियोंका सर्वांगीण विकास होगा, यह सम्भावना है; परन्तु इस हेतु भी वहां उनकी कथित धार्मिक शिक्षा, जो इस्लामको छोडकर किसीको नहीं मानती, उसे भी बन्द करना होगा, तभी शान्ति सम्भव है । ‘टाइम्स ऑफ इण्डिया’ जैसे समाचार ‘चैनलों’को प्रतिबन्धितकर इनपर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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