‘जाकर मर, मौतकी ‘वीडियो’ भेज दियो’, आत्महत्यासे पहले आरिफने आयशाको किया था विवश
०६ मार्च, २०२१
२३ सालकी आयशाकी मृत्युके पश्चात उसका अन्तिम ‘वीडियो’ और माता-पितासे हुई वार्ताकी ‘रिकॉर्डिंग’ने सबको झकझोर दिया है । जांचमें लगी पुलिसको आरिफके विरुद्ध एक महत्त्वपूर्ण साक्ष्य मिला है । यह साक्ष्य ७० मिनिटकी ‘कॉल रिकॉर्डिंग’ है ।
अहमदाबाद पुलिसने आयशा और आरिफके मध्य हुई चर्चाको ‘कॉल रिकॉर्ड्स’के माध्यमसे पता लगाया है । यह वार्ता आयशाने नदीमें कूदनेसे पहले आरिफसे की थी । इसमें आरिफको कहते सुना जा सकता है, “जाकर मर और मुझे अपने मौतकी ‘वीडियो’ भेज दियो ।” पुलिसको यह साक्ष्य आरिफका भ्रमणभाष यन्त्र मिलनेके पश्चात मिला है ।
उल्लेखनीय है कि गुजरातके अहमदाबादमें आयशाने २५ फरवरी २०२१ को साबरमती नदीमें कूदकर प्राण दिए थे । कालान्तरमें उसका अन्तिम ‘वीडियो’ ‘सोशल मीडिया’पर ‘वायरल’ हुआ था, जिसकी जांचपर ज्ञात हुआ था कि राजस्थानके जालौरके आरिफने न केवल उससे दहेज मांगा था, वरन उसे प्रताडित भी किया था ।
भारतीय दण्ड संहितामें जिहादी आरिफके विरुद्ध एक नहीं, दो हत्याओं एवं दहेज उत्पीडनका अभियोग प्रविष्ट होना चाहिए । जिहादी आरिफने मानवताको कलङ्कित किया है । क्या मुसलमान धर्मगुरु बताएंगे कि उनके धर्ममें इतनी निर्दयता एवं हिंसासे वे कैसा समाज बनाना चाहते हैं और इनको यह शिक्षा कहांसे मिलती है, जो अपनोंका नहीं हो सकता वह अन्य लोगोंका कैसे हो सकता है ? आशा है कि गुजरात पुलिस इस जिहादीको उचित दण्ड अवश्य दिलवाएगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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