जम्मू-कश्मीरमें ‘होल्डिंग सेंटर’ भेजे गए १५५ रोहिंग्या, पुलिस सभी अनधिकृत प्रवेश करनेवाले रोहिंग्याओंके प्रत्यर्पणको कटिबद्ध 


 ०८ मार्च, २०२१
        जम्मू-कश्मीरमें १५५ ऐसे रोहिंग्या मिले हैं, जो सभी म्यांमारसे भागकर यहां निवास कर रहे थे । पुलिसने उनपर ‘फॉरेनर्स एक्ट’के ‘अनुच्छेद-३ (२) ई’ तथा ‘पासपोर्ट एक्ट’ ‘अनुछेद ३’के अन्तर्गत कार्यवाही की है । उनके पास उचित परिचय पत्र नहीं थे ।
        पुलिसने कहा कि उनको उनके देश भेज दिया जाएगा । भाजपा प्रवक्ता अनिल गुप्तने इसे रोहिंग्याके प्रत्यर्पणका प्रारम्भ बताया । वहांके ‘एमए’ खेल प्रशालमें (स्टेडियममें) उनके परिचय-पत्र देखनेका कार्य चल रहा है । उन्हें वहां ‘वेरिफिकेशन’ हेतु बुलाया जाता है । एक रोहिंग्या, जो भारतमें १२ वर्षोंसे निवास कर रहा है, उसने कहा कि अभी लतक ५० बार उसे ‘वेरिफिकेशन’के लिए बुलाया गया है । उनके अंगूठेके छाप भी लिए जा रहे हैं । सुरक्षा ‘एजेंसियां’ इन्हें लेकर सतर्क हैं । पिछले दिनों जम्मू-कश्मीरके नरवालसे एक रोहिंग्या बन्दी बनाया गया था, जो वहां मौलवी बनकर निवास कर रहा था । उत्तर प्रदेशके उन्नावसे ‘यूपी एटीएस’ने दो रोहिंग्याओंको बन्दी बनाया था जो भारतमें रोहिंग्याओंको अनधिकृत प्रवेश करवाकर भिन्न-भिन्न नगरोंमें उनके लिए निवास तथा चाकरीकी व्यवस्था करवाते थे ।
       भारतमें अनधिकृत प्रवेशकर बसे रोहिंग्याओंकी सङ्ख्या लाखोंमें है । ये रोहिंग्या आतङ्कवादी गतिविधियोंमें भी लिप्त पाए गए हैं । ऐसेमें उन्हें ढूंढकर पुनः उनके देश भेजना अत्यावश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया    


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution