वामपन्थी इतिहासकार ‘टूस्के’ने औरंगजेबको बताया हिन्दुओंके हितमें, विश्वविद्यालयने उसे बताया अकादमीकी स्वतन्त्रता
१० मार्च, २०२१
रुटगर विश्वविद्यालयकी वामपन्थी ‘प्रोफेसर ऑड्रे टूस्के’ने हिन्दुओंको कामुकतामें आसक्त बताया । उसने हिन्दुओंको गोमूत्र पीनेवालोंके रूपमें प्रदर्शित किया । उसने मुगल शासक औरंगजेबको भी हिन्दुओंका हितकारी बताया । औरंगजेबद्वारा हिन्दुओंके नरसंहारकी भी उसने अवहेलना की । रुष्ट छात्रोंने इस परिवादको ‘रुटगर विश्वविद्यालयमें प्रस्तुतकर ‘प्रोफेसर ऑड्रे’को पदच्युत करनेके लिए निवेदन किया; किन्तु उसे निकाल देनेके स्थानपर ‘रुटगर’ने उसके वक्तव्यको उचित ठहराते हुए, इसे अकादमीकी स्वतन्त्रता बताया है और छात्रोंके निवेदनको निरस्त किया है । ‘रुटगर’ने हिन्दू समुदायको केवल सांत्वना देनेका विकल्प चुना है । दी गई याचिकामें बल दिया गया था कि ‘प्रोफेसर टूस्के’ने भयावह आंकडोंको धो डालनेका प्रयास किया है । उसने हत्यारे औरंगजेबको हिन्दुओंकी रक्षा करनेवाला और उनके लिए मन्दिरोंको बनवानेवाला बताया है।
वामपन्थी कार्यकर्ता सदा हिन्दुओंकी संस्कृतिके विरोधी रहे हैं । ऐसे विश्वविद्यालयोंको हिन्दू छात्रोंद्वारा त्याग दिया जाना चाहिए और वामपन्थी इतिहासकारोंका खुलकर विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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