कश्मीरमें पुलवामाकी पुनरावृत्तिका षड्यन्त्र विफल, ‘आईईडी’के साथ स्वयं विध्वंसकारी आक्रमणकर्ताओं सहित ७ आतंकी बनाए गए बन्दी


१० मार्च, २०२१
      दक्षिण कश्मीरमें पुलवामा जैसे आक्रमणकी पुनरावृत्तिके षड्यन्त्रको पुलिसने विफल कर दिया है । इस बार आतङ्कियोंने पुलिस वाहिनीके अतिरिक्त निगम समिति पांपोरके भवनको भी क्षति पहुंचानेका पूर्वाभ्यास किया । सौभाग्यवश ये आतंकी अपने प्रयासोंमें सफल होते, इससे पूर्व ही पुलिसने सातोंको बन्दी बना लिया । इनमेंसे एक आत्मघाती आक्रमणकारी भी है । पुलिसने पकडे गए आतङ्कियोंके सम्बन्ध ‘लश्कर’ और ‘जैश’से जुडे बताए हैं । आतङ्कियोंसे २ शक्तिशाली ‘आईईडी’ और बमके लिए प्रयोग किया जा रहा वाहन भी हस्तगत किया है । पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमारने पत्रकारोंसे इस विषयमें वार्तालापके मध्य कहा कि पुलवामा जनपदके अवंतीपोर क्षेत्रमें सक्रिय ‘लश्कर’ व ‘जैश’के जिन ७ आतङ्कियोंको बन्दी बनााया गया है । इनमें एक ‘बीए’के प्रथम वर्षका छात्र है ।
     महानिरीक्षकने कहा कि उन्हें अपने सूत्रोंसे ज्ञात हुआ था कि पंपोरमें ‘जैश-ए-मोहम्मद’ने कुछ नूतन व्यक्तियोंको प्रविष्ट किया है, जो १४ फरवरी २०१९ की भांति ही कोई बडा बम धमाका करनेका प्रयास कर रहे हैं ।
     उन्होंने बताया कि इस सूचनाके पश्चात उन्होंने सन्दिग्ध तत्त्वोंपर दृष्टि रखना आरम्भ किया और साहिल नजीर नामक एक युवकको बन्दी बनाया गया । साहिल ‘बीए’ प्रथम वर्षका छात्र है, जो पंपोरमें रहता है । वह इंटरनेटके माध्यमसे जिहादियोंके सम्पर्कमें आया और आतङ्की सङ्गठनका अंग बना ।
      साहिल नजीरसे पूछताछके पश्चात ४ आतङ्की और पकडे गए । पुलिसने उनसे वाहन अधिकृत किया है । अधिक पूछताछमें ज्ञात हुआ कि इस वाहनका प्रयोग बम विस्फोटके लिए किया जाना था ।
     उल्लेखनीय है कि ‘जैश-ए-मोहम्मद’ने पंपोरसे कुछ ही दूरीपर लिथपोरामें ‘सीआरपीएफ’की वाहिनीपर वाहन बमसे १४ फरवरी २०१९ को आक्रमण किया था, जिसमें ४० ‘सीआरपीएफ’के सैनिक हुतात्मा हो गए थे ।
     आतङ्कवाद रूपी महारोग इस्लामसे उपजी घृणा व द्वेष जैसे कुसंस्कारोंका द्योतक है । आगामी हिन्दू राष्ट्रमें समस्त भूमण्डलमें उच्चतम स्तरके सुसंस्कारित सात्त्विक जीव होंगे, जिससे आतङ्कवादका समूल विघटन स्वतः ही हो जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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